Modi-Putin meeting resurfaces: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा से पहले क्रेमलिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी पहली मुलाकात की 24 साल पुरानी तस्वीर साझा कर ऐतिहासिक पलों को फिर जीवंत कर दिया है। यह मुलाकात वर्ष 2001 में मॉस्को में हुई थी, जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के साथ रूस दौरे पर गए थे। साझा की गई तस्वीर में मोदी, अटल जी और पुतिन के पीछे खड़े नजर आ रहे हैं। यह वही क्षण था जिसने दोनों नेताओं की आधिकारिक मुलाकातों की शुरुआत की और भारत–रूस संबंधों के अध्याय में एक नई कहानी जोड़ दी।
पुरानी फोटो ने ताज़ा की दोस्ती की शुरुआत
क्रेमलिन द्वारा जारी यह तस्वीर दोनों देशों की साझेदारी की गहराई को साफ दर्शाती है। 2001 की इस मुलाकात में वाजपेई के साथ उस समय के विदेश मंत्री जसवंत सिंह भी मौजूद थे। उस दौर की यह फोटो न सिर्फ भारत–रूस की मजबूत कूटनीतिक नींव को झलकाती है, बल्कि मोदी और पुतिन के शुरुआती संपर्क का प्रतीक भी मानी जा रही है। आज, जब पुतिन दो दिवसीय भारत दौरे पर दिल्ली आ रहे हैं, यह ऐतिहासिक फोटो दोनों नेताओं के लंबे संबंधों को नई रोशनी में पेश करती है। पुतिन के सम्मान में गुरुवार शाम पीएम मोदी डिनर होस्ट करेंगे, जबकि शुक्रवार को हैदराबाद हाउस में महत्वपूर्ण शिखर वार्ता होने वाली है।
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2014 के बाद और गहरी हुई दोस्ती
नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों नेताओं की पहली आधिकारिक मुलाकात 9 दिसंबर 2014 को नई दिल्ली में हुई थी। पुतिन उस समय भारत की यात्रा पर आए थे और इसी मुलाकात के बाद दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत तालमेल और अधिक मजबूत हो गया। 2014 से अब तक पीएम मोदी लगातार भारत के प्रधानमंत्री हैं और पुतिन भी रूस की बागडोर संभाले हुए हैं। इस स्थिर नेतृत्व ने भारत–रूस संबंधों को नई दिशा दी है। रक्षा, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट इन्हीं रिश्तों की मजबूती का प्रमाण हैं। पुतिन की मौजूदा भारत यात्रा को भी इस दीर्घकालिक भरोसे और पारंपरिक साझेदारी को और मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।