इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दुश्मनों को सचेत रहने और किसी भी हमले के जवाब में तगड़ा नतीजा भुगतने को तैयार रहने की हिदायत दी है। हमास के सरप्राइज अटैक की तीसरी बरसी से पहले नेतन्याहू ने साप्ताहिक कैबिनेट बैठक में अपनी मंशा जाहिर की। इसके साथ ही आशंका जताई कि आगामी नेसेट (संसदीय) चुनाव से पहले हमास फिर कोई हमला देश पर करने की कोशिश कर सकता है।
मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि
चेतावनी देते हुए कहा, "अगर इजरायल को चुनौती देने की कोशिश की गई तो उसका जवाब पूरे दमखम के साथ दिया जाएगा।" मंगलवार को उनके आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर बैठक की ये क्लिप शेयर जारी की गई। कैबिनेट मीटिंग की शुरुआत नेतन्याहू ने इजरायल को बचाने की लड़ाई लड़ने वाले सैनिकों और 7 अक्टूबर के हमास अटैक में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए की। उन्होंने गाजा हमले में निहत्थे लोगों (जिनमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल थे) की हत्या के लिए हमास को जिम्मेदार ठहराया।
सुरक्षित बच निकलने का मौका नहीं दिया
नेतन्याहू ने दावा किया, " पिछले तीन वर्षों में इजरायल ने हमास के करीब 6,000 लड़ाकों में से 4,000 को मार गिराया है। इनमें से किसी को भी सुरक्षित बच निकलने का मौका नहीं दिया गया। वो सुरक्षित नहीं बचे और इजरायल बाकी लोगों तक भी पहुंच कर ही दम लेगा।"
दुश्मन पहले की तुलना में कमजो
इजरायली पीएम ने पिछले तीन वर्षों में इजरायल की स्थिति में आए बदलाव पर प्रकाश डालते हुए दो प्रमुख घटनाक्रमों का जिक्र किया। दावा किया कि इजरायल ने अपने दुश्मनों के खिलाफ “पासा पलट दिया” है। उनके अनुसार, इजरायल अब मध्य पूर्व का सबसे शक्तिशाली देश है और उसके दुश्मन पहले की तुलना में कमजोर हैं।
90 प्रतिशत निवासी अपने घरों में लौट चुके
गाजा सीमा से लगे इजरायली इलाकों में पुनर्वास को उपलब्धि मानते हुए पीएम ने दावा किया, "इन इलाकों के करीब 90 प्रतिशत निवासी अपने घरों में लौट चुके हैं और बड़ी संख्या में अन्य लोग भी वहां बसने के लिए आ रहे हैं। गाजा सीमा क्षेत्र के शहरों, किबुत्ज और मोशाव में निर्माण और पुनर्वास का काम तेजी से चल रहा है। युवा दंपति भी वहां नया जीवन शुरू करने के लिए पहुंच रहे हैं।"