करीब सवा दो साल बाद अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम फिर से एक बड़े आईसीसी खिताबी मुकाबले का गवाह बनने जा रहा है। 8 मार्च को यहां भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल खेला जाएगा। एक बार फिर करोड़ों फैंस की नजर इस मैदान पर होगी क्योंकि टीम इंडिया ट्रॉफी जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगी।
पिच को लेकर सामने आई नई जानकारी
फाइनल से पहले सबसे ज्यादा चर्चा इस बार पिच को लेकर हो रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस मैच के लिए खास तरह की पिच तैयार की गई है। बताया जा रहा है कि इस बार मैदान पर सामान्य पिच नहीं बल्कि दो तरह की मिट्टी से बनी मिली-जुली सतह इस्तेमाल की जाएगी। इससे मैच में संतुलन देखने को मिल सकता है।
पुरानी हार से मिली बड़ी सीख
अहमदाबाद के इसी मैदान से भारत की एक कड़वी याद भी जुड़ी हुई है। नवंबर 2023 में वनडे वर्ल्ड कप का फाइनल यहीं खेला गया था, जहां भारत को हार का सामना करना पड़ा था। उस मैच में पिच को लेकर काफी चर्चा हुई थी। कई लोगों का मानना था कि धीमी पिच भारतीय बल्लेबाजों के लिए मुश्किल बन गई थी।
धीमी पिच से बदली रणनीति
सिर्फ वही मुकाबला नहीं बल्कि हाल के एक और बड़े मैच में भी इसी मैदान पर टीम इंडिया को हार मिली थी। दोनों ही मौकों पर काली मिट्टी वाली धीमी पिच का इस्तेमाल किया गया था। ऐसी सतह पर गेंद ज्यादा रुककर आती है, जिससे तेज बल्लेबाजी करना मुश्किल हो जाता है।
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लाल और काली मिट्टी का मिश्रण
इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार पिच में बदलाव किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार इस पिच में करीब 70 प्रतिशत लाल मिट्टी और बाकी हिस्सा काली मिट्टी का रखा गया है। लाल मिट्टी वाली पिच पर गेंद थोड़ी तेज और ज्यादा उछाल के साथ आती है, जिससे बल्लेबाजों को शॉट खेलने में आसानी होती है।
संतुलित मुकाबले की उम्मीद
नई पिच का मकसद यही है कि गेंद और बल्ले के बीच अच्छा संतुलन बना रहे। इससे मैच में रोमांच भी बढ़ सकता है और दोनों टीमों को बराबरी का मौका मिलेगा। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि फाइनल में यह पिच किस टीम के लिए ज्यादा फायदेमंद साबित होती है।