CYBER FRAUD MATRIMONIAL SCAM AHMEDABAD-----अहमदाबाद में ऑनलाइन शादी का रिश्ता तलाश रहे 51 वर्षीय व्यापारी के साथ 1.10 करोड़ रुपये की कथित साइबर ठगी का मामला सामने आया है। व्यापारी ने मैट्रिमोनियल साइट पर दोबारा शादी के लिए प्रोफाइल बनाया था। इसी दौरान उनकी पहचान कनाडा की रहने वाली बताई गई एक युवती से हुई। बातचीत बढ़ी तो शादी की बात निवेश के लालच में बदल गई और व्यापारी से फार्मास्युटिकल कच्चे माल के कारोबार के नाम पर रकम ट्रांसफर करा ली गई।
रिश्ता तलाशते-तलाशते निवेश के जाल में फंसे
चांदखेड़ा निवासी व्यापारी की पत्नी की मौत के बाद उन्होंने दोबारा शादी के लिए मैट्रिमोनियल साइट पर प्रोफाइल बनाया था। इसी दौरान कथित तौर पर कनाडा में रहने वाली युवती से उनका संपर्क हुआ। शुरुआती बातचीत शादी और रिश्ते को लेकर हुई, लेकिन धीरे-धीरे बातचीत का रुख कारोबार और निवेश की ओर मोड़ दिया गया।
फार्मा कारोबार में बड़े मुनाफे का लालच
कथित युवती ने व्यापारी को फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल के कारोबार के बारे में बताया। दावा किया गया कि इस कारोबार में पैसा लगाने पर उन्हें अच्छा खासा मुनाफा मिल सकता है। भरोसा कायम होने के बाद व्यापारी ने अलग-अलग मौकों पर रकम ट्रांसफर करनी शुरू कर दी।
देखते ही देखते चली गई 1.10 करोड़ की रकम
निवेश पर भारी रिटर्न मिलने की उम्मीद में व्यापारी ने लगातार पैसे भेजे। आरोप है कि अलग-अलग तरीकों से उनसे कुल 1.10 करोड़ रुपये की रकम ले ली गई। शुरुआत में उन्हें लगा कि उनका पैसा कारोबार में लगा है और जल्द ही मुनाफे के साथ वापस मिलेगा, लेकिन बाद में परिस्थितियां बदलने लगीं।
संपर्क बंद हुआ तो खुला ठगी का राज
जब व्यापारी ने अपने निवेश और मुनाफे को लेकर जानकारी मांगनी शुरू की तो कथित युवती से संपर्क मुश्किल हो गया। फोन और ऑनलाइन बातचीत का जवाब आना बंद हो गया। पैसे वापस नहीं मिलने पर व्यापारी को एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
अब असली पहचान और पूरे नेटवर्क की तलाश
अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने मामले की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस कथित युवती की वास्तविक पहचान, रकम किन खातों में पहुंची और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी पड़ताल कर रही है। इस घटना ने ऑनलाइन मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म के जरिए होने वाली ठगी को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। पुलिस की जांच के साथ डिजिटल बातचीत और पैसों के लेनदेन से जुड़े सुराग खंगाले जा रहे हैं।