NO FUEL FOR OLD VEHICLES POLICY: दिल्ली में प्रदूषण की समस्या से निजात पाने के लिए दिल्ली सरकार ने 1 जुलाई से कड़े कदम उठाने जा रही है। अब दिल्ली के सभी पेट्रोल और डीजल पंपों पर 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल व 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा। इस व्यवस्था को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने दिल्ली के सभी पेट्रोल पंपों पर एआई कैमरे लगवा दिए हैं। जिन्हे ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के डेटाबेस से कनेक्ट कर दिया गया है। एआई कैमरे पुराने वाहनों की नंबर प्लेट से पहचान कर लेंगें और वहां मौजूद कर्मचारी गाड़ी जब्त कर लेंगे ।
एनसीआर के शहरों में प्रभावी होगा नियम
दिल्ली के अलावा गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर और सोनीपत में भी एआई कैमरे लगाए गए हैं। बताया गया है कि ये काम 1 नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद इन शहरों में भी पुराने वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जा सकता है। इसके लिए जोर-शोर से तैयारियां की जा रही हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के तकनीकी सदस्य विनोद शर्मा ने बताया कि दिल्ली में 28 फ़ीसदी PM 2.5 प्रदूषण और 41 फ़ीसदी SO2 पॉल्यूशन के लिए ये पुरानी गाड़ियां ही ज़िम्मेदार हैं. BS-6 के मुक़ाबले पुरानी BS-4 गाड़ियां साढ़े पांच गुना ज़्यादा प्रदूषण फैलाती हैं।
पेट्रोल पंप पर मौजूद रहेंगे पुलिस कर्मी
पेट्रोल डीलर एसोसिएशन ने परिवहन मंत्री से मांग की है कि ईंधन न देने पर लड़ाई झगड़ा हो सकता है। ऐसे में कि पेट्रोल पंपों पर पुलिस या सिविल डिफेंस के लोगों को तैनात किया जाए। उनका कहना है कि गाजियाबाद में No helmet no fuel पॉलिसी लागू होने पर एक पेट्रोल कर्मी को गोली मार दी गई थी, इसीलिए कर्मचारियों की सुरक्षा ज़रूरी है।