आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बढ़ती प्रतिस्पर्धा और टेक सेक्टर पर मंडराते खतरे ने अमेरिका से लेकर भारत तक शेयर बाजारों में हलचल मचा दी है। आईटी कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट के चलते भारतीय बाजार भी दबाव में दिखे। वहीं, सोना और चांदी की कीमतों ने अचानक यू-टर्न लेते हुए निवेशकों को चौंका दिया। वैश्विक संकेतों के बीच निवेशकों की चिंता साफ नजर आई।
आईटी शेयरों में बिकवाली से बाजार दबाव में
शुक्रवार सुबह भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स करीब 739 अंक टूटकर 82,932 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 241 अंकों की गिरावट के साथ 25,598 के आसपास कारोबार करता दिखा। टॉप 30 शेयरों में से 27 लाल निशान में रहे। आईटी सेक्टर के प्रमुख शेयरों में 6 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। टेक कंपनियों के भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
अमेरिकी बाजार में भी बड़ी गिरावट
ग्लोबल संकेत भी कमजोर रहे। अमेरिका में Dow Jones Industrial Average 669 अंक गिरकर 49,451 पर बंद हुआ। Nasdaq Composite में 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जबकि S&P 500 भी 1.5% से अधिक टूट गया। टेक शेयरों में बिकवाली का दबाव सबसे ज्यादा देखा गया, जिससे एशियाई बाजारों पर भी असर पड़ा।
गोल्ड और सिल्वर ने लिया यू-टर्न
गुरुवार रात भारी गिरावट के बाद सोना और चांदी की कीमतों में रिकवरी देखने को मिली। सोना करीब 6,000 रुपये गिरकर 1.52 लाख रुपये तक आया था, लेकिन अब 2,000 रुपये की तेजी के साथ 1.55 लाख रुपये के करीब पहुंच गया। चांदी भी 26,000 रुपये गिरने के बाद 6,000 रुपये से ज्यादा उछलकर 2.42 लाख रुपये के स्तर पर कारोबार कर रही है। हालांकि गोल्ड और सिल्वर ETF में अभी भी दबाव बना हुआ है।
इंटरनेशनल मार्केट का असर
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कीमती धातुओं में गिरावट देखी गई। मजबूत अमेरिकी रोजगार आंकड़ों और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होने से कमोडिटी बाजार दबाव में आया। अमेरिका के कमोडिटी एक्सचेंज पर सोना 2-3% तक गिरा, जबकि चांदी में करीब 8% तक की गिरावट दर्ज हुई। इससे घरेलू बाजार पर भी असर पड़ा।
आखिर एआई से क्यों हिला बाजार?
AI तकनीक में तेजी से हो रहे विकास ने पारंपरिक आईटी कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई नई टेक कंपनियों का दावा है कि वे कम लागत और कम समय में बड़े प्रोजेक्ट पूरे कर सकती हैं। इससे पारंपरिक आईटी सर्विस कंपनियों की कमाई और मार्जिन पर दबाव की आशंका बढ़ गई है। इसी डर के कारण निवेशक आईटी शेयरों से दूरी बना रहे हैं, जिसका असर पूरे बाजार पर साफ दिख रहा है।
चांदी की