पिछले दो साल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने पूरी दुनिया में तकनीकी क्रांति जैसा माहौल बना दिया। बड़ी से बड़ी कंपनी एआई को भविष्य बता रही थी और निवेशकों का पैसा भी तेजी से इस क्षेत्र में आ रहा था। लेकिन अब तस्वीर थोड़ी बदलती नजर आ रही है। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, उबर और कई अन्य बड़ी कंपनियां एआई पर बढ़ते खर्च को लेकर चिंता जताने लगी हैं। सवाल उठ रहा है कि आखिर जिस तकनीक पर अरबों डॉलर खर्च हो रहे हैं, उससे कमाई कितनी हो रही है।
एआई बन गया सबसे महंगा सौदा
एआई का इस्तेमाल जितना आसान दिखता है, उसके पीछे उतना ही महंगा ढांचा काम करता है। हर सवाल, हर तस्वीर और हर जवाब के लिए बड़े डेटा सेंटर, शक्तिशाली चिप्स और भारी बिजली की जरूरत पड़ती है। यही वजह है कि एआई कंपनियों का खर्च लगातार बढ़ रहा है। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कुछ कंपनियों को कुछ महीनों में ही करोड़ों डॉलर के बिल चुकाने पड़े। अब मुफ्त सुविधाएं सीमित की जा रही हैं और महंगे सब्सक्रिप्शन मॉडल लाए जा रहे हैं ताकि लागत को संभाला जा सके।
कमाई से ज्यादा खर्च की चिंता
कई बड़ी कंपनियों के अधिकारियों ने माना है कि एआई पर किया जा रहा निवेश अभी तक उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं दे रहा। कंपनियों को उम्मीद थी कि एआई से काम की गति और उत्पादकता में बड़ी बढ़ोतरी होगी, लेकिन कई जगह ऐसा असर अभी दिखाई नहीं दिया है। यही कारण है कि अब निवेशकों और उद्योग जगत के लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि कहीं एआई में जरूरत से ज्यादा उम्मीदें तो नहीं बांध ली गई थीं।
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नौकरियों को लेकर भी बदला नजरिया
कुछ समय पहले तक दावा किया जा रहा था कि एआई लाखों नौकरियां खत्म कर देगा। अब वही उद्योग जगत के कई बड़े चेहरे कह रहे हैं कि इंसान और एआई साथ मिलकर काम करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक कई काम आसान जरूर करेगी, लेकिन हर क्षेत्र में इंसानों की जगह लेना अभी आसान नहीं है। इसी बीच कई कंपनियों द्वारा की गई छंटनी को भी एआई से जोड़कर देखा गया, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ी है।
हकीकत और उम्मीदों के बीच एआई
विशेषज्ञों का मानना है कि एआई की तकनीक मजबूत है और इसका भविष्य भी उज्ज्वल है, लेकिन इसके आसपास बनी अत्यधिक उम्मीदें चुनौती बनती जा रही हैं। इंटरनेट के शुरुआती दौर की तरह एआई में भी कुछ कंपनियां आगे निकलेंगी और कुछ पीछे रह जाएंगी। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कंपनियां एआई पर हो रहे भारी खर्च को लंबे समय तक संभाल पाएंगी। आने वाले वर्षों में यह साफ होगा कि एआई तकनीक दुनिया बदलती है या फिर सिर्फ उसका उपयोग करने का तरीका बदलता है।