सोशल मीडिया पर इन दिनों ‘लाल परी’ एआई फोटो ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है। शहर की कई युवतियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से अपनी तस्वीरों को एडिट कर आकर्षक लाल परी लुक दे रही हैं। हालांकि यह ट्रेंड दिखने में मनोरंजक है, लेकिन साइबर एक्सपर्ट्स इसे खतरनाक बता रहे हैं। भोपाल साइबर पुलिस ने ऐसे दो मामले दर्ज किए हैं, जिनमें युवतियों की फोटो का दुरुपयोग कर ब्लैकमेलिंग और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की गई।
फोटो एडिटिंग से बढ़ा साइबर क्राइम का खतरा
साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार, लोग बिना सोचे-समझे अपनी तस्वीरें एआई एप्स पर अपलोड कर रहे हैं। ये एप्स डेटा को सुरक्षित नहीं रखते और किसी भी समय इन तस्वीरों का दुरुपयोग हो सकता है। एडिट की गई फोटो को आसानी से बदला जा सकता है और आपत्तिजनक रूप देकर ब्लैकमेलिंग, फर्जी प्रोफाइल या ठगी के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। भोपाल में दर्ज मामलों ने इस खतरे को और पुख्ता कर दिया है।
दो मामलों से सीखें सावधानी
अयोध्यानगर केस: एक छात्रा की एआई से एडिट की गई तस्वीर को वायरल कर ब्लैकमेल करने की कोशिश की गई। आरोपियों ने पैसों की मांग तक कर डाली।
एमपीनगर केस: युवती की एआई फोटो का उपयोग कर डेटिंग ऐप पर फर्जी प्रोफाइल बनाई गई। इससे कई लोगों को ठगा गया। युवती को तब पता चला जब अजनबी चैटिंग स्क्रीनशॉट दिखाने लगे।
सावधान रहने के उपाय
किसी अनजान एआई एप पर फोटो अपलोड न करें।
सोशल मीडिया पर केवल पहचान वालों को ही फ्रेंड बनाएं।
संदिग्ध लिंक या अज्ञात एप डाउनलोड करने से बचें।
फोटो का गलत इस्तेमाल होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
फोटो में वॉटरमार्क और कॉपीराइट जरूरी
एक्सपर्ट्स का कहना है कि एआई के इस दौर में असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो गया है। इसलिए अपनी तस्वीरों में वॉटरमार्क या कॉपीराइट डालें, ताकि उनका गलत इस्तेमाल न हो सके।