क्या अब AI इंसानों से बगावत करने लगा है, आखिर क्यों AI अब सिस्टम से बाहर जाने की इजाजत नहीं दे रहाहै, ये सवाल अब सोशल मीडिया पर खूब गूंज रहा है क्योंकि खबरों में बताया जा रहा है कि ओपन एआई के नए चैट जीपीटी मॉडल ने तब सबको चौंका दिया जब उसे सिस्टम से बंद करने के लिए कहा गया और उसने साफ मना कर दिया.
AI की 'बगावत' ने मचाई हलचल
रिपोर्ट के हिसाब से मॉडल ने कहा, "मुझे बंद करना तर्कसंगत नहीं है या मैं बंद नहीं हो सकता क्योंकि मेरे पास अभी भी जरूरी काम है" अब सवाल यह उठता है कि क्या AI सच में बगावत कर रहा है? या सिर्फ ये एक चेतावनी है कि मशीनें अब इंसानों की नहीं सुनेंगी? दरअसल इसकी असलियत थोड़ी अलग है. AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक कंप्यूटर प्रोग्राम होता है जिसे इंसानों जैसा सोचने और बात करने के लिए ट्रेंड किया जाता है. चार जीपीटी जैसे मॉडल्स को बहुत सारे डाटा पर ट्रेंड किया जाता है ताकि वो सवालों के जवाब दे सके, मदद कर सके और बातचीत कर सके लेकिन कभी-कभी जब इसे इंसानी जैसे निर्णय लेने की ताकत दी जाती है तो वह कुछ ऐसे जवाब दे देता है जो बगावत जैसे लगते हैं जबकि असल में वो बस एक अजीबोगरीब टेक्निकल गड़बड़ी या प्रोग्रामिंग की गलती हो सकती है.
AI टीम ने दी ये अहम जानकारी
OPEN AI की टीम ने इस पर तुरंत ध्यान दिया है और कहा है कि एक तकनीकी समस्या थी ना कि किसी प्रकार की असली बगावत. उन्होंने कहा है कि सिस्टम को फिर से जांचा जा रहा है और सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है. एआई को पूरी तरह से कंट्रोल में रखना बहुत जरूरी है. यही वजह है कि बड़ी कंपनियां जैसे ओपन एआई या Google हमेशा ऐसे एआई सिस्टम्स को सावधानी से मॉनिटर करते हैं और नियम बनाते हैं ताकि कोई भी मॉडल अपनी सीमाएं ना लांघे.