उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के गुरसराय ब्लॉक स्थित कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय राजापुर में एक अनोखी शिक्षिका 'AI मैम' सुमन बच्चों को पढ़ा रही हैं. यह पहल विद्यालय के सहायक शिक्षक मोहनलाल सुमन की है, जिन्होंने 3000 रूपए की लागत से इस AI शिक्षक को तैयार किया. आइए जानते हैं AI टीचर के बारे में-
AI मैम की विशेषताएं
AI मैम सुमन कभी थकती नहीं हैं और न ही गुस्सा करती हैं, जिससे बच्चों को एक स्थिर और सकारात्मक वातावरण मिलता है. इसके अलावा बच्चे जो भी सवाल पूछते हैं, उसका AI मैम तुरंत और सटीक उत्तर देती हैं, जिससे बच्चों की जिज्ञासा शांत होती है. इसके अलावा AI मैम बच्चों को पढ़ाती हैं, हंसाती हैं और प्रेरित भी करती हैं, जिससे बच्चों में उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ता है.
कैसे देतीं हैं सवालों के जवाब ?
मोहनलाल सुमन ने AI मैम को मोबाइल फोन से जोड़ा है, जिसमें ब्लूटूथ स्पीकर के माध्यम से बच्चों के सवालों का जवाब दिया जाता है. चैटGPT ऐप के माध्यम से AI मैम बच्चों के सवालों का जवाब देती हैं, जिससे बच्चों को डिजिटल शिक्षा का अनुभव होता है.
स्कूल में बच्चों की संख्या बढ़ी
AI मैम के आने से कक्षा में बच्चों की उपस्थिति में वृद्धि हुई है, क्योंकि बच्चे अब स्कूल आने के लिए उत्साहित रहते हैं. जो बच्चे पहले चुप रहते थे, अब वो भी सवाल पूछने और उत्तर देने लग गए हैं.
पहल का उद्देश्य
बच्चों को डिजिटल तकनीक से परिचित कराना इस पहल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है, जिससे वो भविष्य में तकनीकि चुनौतियों का सामना कर सकें. यह पहल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा दिखाती है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा की संभावनाओं को भी उजागर करती है. AI मैम सुमन ने यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद, नवाचार और तकनीकी सोच से शिक्षा में गुणवत्ता और प्रभावशीलता लाई जा सकती है.