AI video War Erupts in UP: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से काफी पहले ही भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच सोशल मीडिया पर सियासी टकराव तेज हो गया है। इस बार विवाद का केंद्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई से तैयार किए जा रहे वीडियो हैं। पहले सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव को लेकर एक एआई वीडियो सामने आया, जिसमें उन्हें नकारात्मक किरदार में दिखाते हुए उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल पर सवाल उठाए गए। इसके जवाब में अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जुड़ा एक एआई वीडियो दिखाया। इस तरह दोनों दलों के बीच चुनावी राजनीति के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है।
अखिलेश ने वीडियो दिखाकर दिया जवाब
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर उनके और उनकी पत्नी डिंपल यादव को लेकर भी एआई के जरिए वीडियो तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले अपने कार्यकर्ताओं को इस तरह के वीडियो बनाने से दूर रहने को कहा था, लेकिन दूसरी तरफ से लगातार ऐसी सामग्री सामने आने के बाद उन्होंने जवाब देने का फैसला किया। अखिलेश ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर इसे बच्चों का खेल समझकर किया जाएगा तो समाजवादी पार्टी भी इसका जवाब देने में पीछे नहीं रहेगी।
सपा ने भी बनाया एआई वीडियो
सपा प्रमुख ने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल राजनीतिक हमलों के लिए किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की ओर से इस तरह की सामग्री तैयार करने में पैसा खर्च किया जा रहा है, जबकि उनकी पार्टी के पास भी तकनीकी क्षमता मौजूद है। अखिलेश ने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही इस तरह की गतिविधियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने एआई वीडियो के मुद्दे को प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोपों से भी जोड़ते हुए योगी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
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बीजेपी ने आरोपों को बताया झूठ
अखिलेश यादव के आरोपों पर भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी लगातार भाजपा की छवि खराब करने के लिए नए नैरेटिव तैयार करने और गलत जानकारी फैलाने की कोशिश कर रही है। भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे। उन्होंने समाजवादी पार्टी के मौजूदा अभियान की तुलना 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले आरक्षण को लेकर चले राजनीतिक विमर्श से की और कहा कि जनता बार-बार किए जाने वाले दावों पर भरोसा नहीं करेगी।
2027 से पहले डिजिटल राजनीति तेज
उत्तर प्रदेश की राजनीति में अब सोशल मीडिया चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। दोनों प्रमुख दल रैलियों और जनसभाओं के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी अपने संदेश पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। एआई तकनीक ने इस राजनीतिक मुकाबले को और पेचीदा बना दिया है, क्योंकि इसके जरिए ऐसे वीडियो तैयार किए जा सकते हैं जिनमें किसी नेता को ऐसी बात कहते या करते दिखाया जा सकता है, जो वास्तव में उन्होंने नहीं की हो। ऐसे में आने वाले समय में एआई से जुड़े वीडियो और उनकी सत्यता को लेकर राजनीतिक विवाद और बढ़ने की संभावना है।