आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लगातार स्मार्ट होता जा रहा है और अब सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं है। AI खाना ऑर्डर करने, फ्लाइट और होटल बुक करने, कीमतों की तुलना करने और कई दूसरे काम भी कर सकता है। इसके बावजूद बैंक ऑफ अमेरिका की नई रिपोर्ट कहती है कि भारत में फिलहाल AI, Zomato, Swiggy या MakeMyTrip जैसे लोकप्रिय ऐप्स की जगह नहीं ले पाएगा। इसकी सबसे बड़ी वजह भारतीय यूजर्स की आदतें और भरोसा है।
भारतीयों की आदत बनी सबसे बड़ी चुनौती
रिपोर्ट के मुताबिक भारत में लोग हर काम के लिए अलग-अलग ऐप इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। खाना मंगाने के लिए अलग ऐप, ट्रैवल बुकिंग के लिए अलग प्लेटफॉर्म, शॉपिंग और पेमेंट के लिए अलग सेवाएं इस्तेमाल करना उनकी रोजमर्रा की आदत बन चुकी है। ऐसे में किसी एक AI असिस्टेंट पर पूरी तरह निर्भर होना फिलहाल आसान नहीं माना जा रहा।
भरोसा जीतना होगा सबसे मुश्किल काम
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय ग्राहक किसी भी खरीदारी या बुकिंग से पहले कई जगहों से जानकारी जुटाते हैं। परिवार, दोस्तों, सोशल मीडिया, WhatsApp ग्रुप और ऑनलाइन रिव्यू पर भरोसा करने की आदत अभी भी मजबूत है। खासकर छोटे शहरों में लोग AI को अपने आप खरीदारी या बुकिंग की अनुमति देने में अभी सहज महसूस नहीं करते। इसलिए भरोसा बनाना AI कंपनियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती रहेगा।
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बड़ी कंपनियों के साथ AI की साझेदारी
AI को आगे बढ़ाने के लिए OpenAI ने Eternal, Nykaa, MakeMyTrip और Ixigo जैसी बड़ी कंपनियों के साथ साझेदारी की है। इसका उद्देश्य ChatGPT जैसे प्लेटफॉर्म को केवल जानकारी देने वाले टूल से आगे ले जाकर ऐसा सिस्टम बनाना है, जहां यूजर प्रोडक्ट खोज सके, कीमतों की तुलना कर सके और जरूरत पड़ने पर खरीदारी या बुकिंग भी पूरी कर सके।
बदलेंगे ऐप्स, खत्म नहीं होंगे
रिपोर्ट का निष्कर्ष साफ है कि आने वाले समय में AI इन ऐप्स की जगह लेने के बजाय इन्हें और स्मार्ट बनाएगा। यानी Zomato, Swiggy, MakeMyTrip और दूसरे प्लेटफॉर्म अपने ऐप्स में AI फीचर जोड़ेंगे, जिससे यूजर्स का अनुभव बेहतर और तेज होगा। फिलहाल AI इन सेवाओं का विकल्प नहीं, बल्कि उन्हें और बेहतर बनाने वाला नया साथी बनकर उभरता दिख रहा है।