दुनिया भर में चर्चा में रही ‘एपस्टीन फाइल्स’ का साया अब मध्य प्रदेश के जबलपुर तक पहुंच गया है। शहर के प्रमुख इलाकों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एआई जनरेटेड तस्वीरों वाले पोस्टर लगाए जाने से सियासी हलचल तेज हो गई है। पोस्टरों में आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने के बाद पुलिस हरकत में आई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
शहर के यूनिपोल पर लगे आपत्तिजनक पोस्टर
जबलपुर के मढ़ाताल और पुराने बस स्टैंड इलाके में नगर निगम के यूनिपोल पर कुछ पोस्टर लगाए गए, जिनमें ‘एपस्टीन फाइल्स’ और ‘अडानी DOJ’ का उल्लेख किया गया था। इन पोस्टरों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एआई से तैयार की गई तस्वीरें प्रदर्शित की गईं। तस्वीरों के साथ लिखे गए शब्दों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, क्योंकि उनमें प्रधानमंत्री को “COMPROMISED” बताया गया है।
एआई जनरेटेड तस्वीरों ने बढ़ाई संवेदनशीलता
पोस्टरों में इस्तेमाल की गई तस्वीरें कथित रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से तैयार की गई थीं। एक पोस्टर में ट्रंप के हाथ में ‘एपस्टीन फाइल्स’ और ‘अडानी DOJ’ दर्शाया गया, जबकि प्रधानमंत्री को हाथ जोड़कर खड़े दिखाया गया। इस प्रस्तुति को राजनीतिक रूप से संवेदनशील और भ्रामक बताते हुए प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है।
युवा कांग्रेस पर लगे आरोप
इन पोस्टरों को लेकर मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस पर आरोप लगाए गए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी इन पोस्टरों की तस्वीरें साझा की गईं, जिससे मामला और तूल पकड़ गया। हालांकि संगठन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन आरोपों के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।
पुलिस में मामला दर्ज, जांच शुरू
नगर निगम के कार्यपालन यंत्री की शिकायत पर ओमती थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 197(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने यूनिपोल पर लगे पोस्टर हटवा दिए हैं और सोशल मीडिया पेज संचालित करने वाले व्यक्ति की तलाश शुरू कर दी है। मामले की जांच साइबर एंगल से भी की जा रही है।
सियासत गरम, प्रशासन अलर्ट
इस घटनाक्रम के बाद जबलपुर में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। प्रशासन ने सार्वजनिक संपत्ति पर बिना अनुमति पोस्टर लगाने को गंभीर उल्लंघन बताया है। साथ ही एआई जनरेटेड सामग्री के दुरुपयोग को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।