उत्तर प्रदेश की राजनीति में AIMIM के नेता शौकत अली एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। ‘एनकाउंटर’ को लेकर दिए गए उनके ताजा बयान ने सियासी माहौल को गरमा दिया है। उन्होंने दावा किया है कि उनके नाम की वजह से उन्हें निशाना बनाया जा सकता है, जबकि पुलिस कार्रवाई को भी उन्होंने राजनीतिक दबाव का परिणाम बताया है।
‘उर्दू नाम’ को लेकर दिया नया बयान
शौकत अली ने अपने हालिया बयान में कहा कि उनका नाम उर्दू में होने की वजह से उन्हें खतरा महसूस हो रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि उनका भी एनकाउंटर किया जा सकता है। इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है और विभिन्न दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
नेता ने आरोप लगाया कि मेरठ पुलिस ने उनके और पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ बिना पूरी जांच के मामला दर्ज किया है। उनके मुताबिक, उनके बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया और उसी आधार पर कार्रवाई की गई। उन्होंने इसे राजनीतिक दबाव में उठाया गया कदम बताया है।
सपा और बीजेपी पर लगाया दबाव का आरोप
शौकत अली ने आगे दावा किया कि समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के दबाव में पुलिस ने कार्रवाई की है। उनका कहना है कि राजनीतिक विरोध के चलते उन्हें और उनकी पार्टी को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे प्रदेश की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान
इससे पहले ईद मिलन कार्यक्रम में शौकत अली ने एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर उनकी पार्टी को सीमित संख्या में भी विधायक मिलते हैं तो वे अपनी ताकत दिखाएंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर किसी मुसलमान के साथ हिंसा होती है तो उसका जवाब दिया जाएगा। इस बयान के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर कुछ नेताओं को गिरफ्तार किया था, जिन्हें बाद में जमानत मिल गई।
विवाद के बाद दी सफाई
विवाद बढ़ने पर शौकत अली ने अपनी सफाई में कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। उन्होंने दावा किया कि उनका उद्देश्य किसी को भड़काना नहीं था, बल्कि संवैधानिक दायरे में रहकर बात करना था। फिलहाल, पूरे मामले ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर बनी हुई है।