UCC PROTEST: राजधानी भोपाल में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक के बाद यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी UCC को लेकर विरोध का रुख साफ किया गया। बैठक के बाद कांग्रेस विधायक और बोर्ड सदस्य आरिफ मसूद ने प्रेसवार्ता में कहा कि बोर्ड UCC बिल को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि इसके खिलाफ संवैधानिक और कानूनी रास्ते अपनाए जाएंगे। साथ ही 17 सितंबर को दिल्ली में होने वाले विरोध प्रदर्शन में मध्य प्रदेश से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की अपील की गई।
कोर्ट जाने की तैयारी, वकीलों की होगी बैठक
आरिफ मसूद ने कहा कि UCC को खत्म करवाने के लिए संविधान के दायरे में रहकर कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। बोर्ड की ओर से कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए जल्द ही वकीलों की एक विशेष बैठक आयोजित किए जाने की बात कही गई। उन्होंने कहा कि विरोध के साथ कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।
17 सितंबर को दिल्ली में प्रदर्शन
बैठक के बाद बोर्ड की ओर से 17 सितंबर को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया। आरिफ मसूद ने मध्य प्रदेश के लोगों से भी इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि UCC को लेकर बोर्ड अपने विरोध को संवैधानिक तरीके से आगे बढ़ाएगा।
‘एक देश, एक कानून’ के मुद्दे पर सरकार पर निशाना
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 21 राज्यों में UCC लागू करने संबंधी बयान का जिक्र करते हुए आरिफ मसूद ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ‘एक देश, एक कानून’ की बात की जा रही है, लेकिन आदिवासियों को इससे अलग रखने की स्थिति में इस दावे पर सवाल उठता है। उन्होंने इसे बीजेपी और सरकार का मूल एजेंडा बताया।
शहर काजी ने गोलवलकर के बयान का किया जिक्र
प्रेसवार्ता में भोपाल शहर काजी सैयद मुश्ताक अली ने भी UCC का विरोध किया। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रमुख एम.एस. गोलवलकर के पुराने बयान का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने भी UCC की जरूरत नहीं बताई थी। शहर काजी ने दावा किया कि गोलवलकर ने 1972 में देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की आवश्यकता नहीं होने की बात कही थी।