घाटे और वैश्विक संकट के दबाव में जूझ रही Air India अब अपने केबिन क्रू के लिए सख्त फिटनेस पॉलिसी लागू करने जा रही है। बॉडी मास इंडेक्स (BMI) के आधार पर नौकरी और सैलरी पर असर पड़ सकता है। इसी बीच, पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण हजारों उड़ानें रद्द होने से कंपनी की आर्थिक हालत और दबाव में आ गई है।
BMI आधारित सख्ती: फिटनेस नहीं तो ड्यूटी नहीं
नई पॉलिसी के तहत केबिन क्रू का मूल्यांकन उनके BMI के आधार पर किया जाएगा। 18 से 24.9 तक की BMI रेंज को सामान्य और स्वीकार्य माना गया है। इससे बाहर जाने पर कर्मचारियों को चेतावनी, मेडिकल जांच और फंक्शनल टेस्ट से गुजरना होगा। यह कदम कंपनी के अनुसार सुरक्षा और प्रोफेशनल स्टैंडर्ड बनाए रखने के लिए उठाया जा रहा है।
ओवरवेट और अंडरवेट पर भी नजर
18 से कम BMI को अंडरवेट और 25 से 29.9 को ओवरवेट श्रेणी में रखा गया है। हालांकि इन दोनों कैटेगरी के कर्मचारियों को मौका दिया जाएगा कि वे मेडिकल और फंक्शनल असेसमेंट पास कर अपनी नौकरी बरकरार रखें। लेकिन बार-बार फेल होने पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
मोटापे पर जीरो टॉलरेंस, सैलरी कट और ड्यूटी से हटाना तय
30 या उससे अधिक BMI वाले कर्मचारियों को ‘ओबेस’ श्रेणी में रखा जाएगा, जो कंपनी के अनुसार स्वीकार्य नहीं है। ऐसे मामलों में तुरंत ड्यूटी से हटाने, सैलरी कटौती और तय समय में वजन कम करने का अल्टीमेटम दिया जाएगा। तय लक्ष्य पूरा न होने पर नौकरी पर खतरा मंडरा सकता है।
टाटा ग्रुप के बाद बदलाव की तेज रफ्तार
जनवरी 2022 में Tata Group द्वारा अधिग्रहण के बाद एयर इंडिया में कई बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं। नई ‘हेल्थ और फिटनेस कंप्लायंस पॉलिसी’ को कंपनी भविष्य में और सख्त नियम लागू करने की तैयारी के तौर पर देख रही है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों में हेल्दी लाइफस्टाइल को बढ़ावा देना बताया जा रहा है।
मिडिल ईस्ट वॉर का असर: 2500 फ्लाइट्स रद्द, बढ़ा आर्थिक दबाव
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का सीधा असर एयरलाइन ऑपरेशन्स पर पड़ा है। पिछले तीन हफ्तों में करीब 2500 उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं। कई एयरस्पेस बंद होने और सुरक्षा चिंताओं के चलते उड़ानों की संख्या घटकर 30% रह गई है। साथ ही जेट फ्यूल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी से लागत बढ़ी है, जिसे कवर करने के लिए टिकटों पर अतिरिक्त फ्यूल चार्ज लगाया गया है।