एयर इंडिया विमान हादसे की जांच अब बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गई है। इस हादसे से जुड़े अहम वीडियो ने जांच एजेंसियों को नई दिशा दी है। यह वीडियो एक किशोर आर्यन असारी ने अपनी छत से रिकॉर्ड किया था, जो अब इस घटना के विश्लेषण में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। हादसे में विमान में सवार 242 यात्रियों में से 241 की मौत हो गई थी। प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने अहमदाबाद में दुर्घटनास्थल का दौरा भी किया। हादसे की जांच में फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) के अलावा यह वीडियो भी अब एक महत्वपूर्ण सबूत माना जा रहा है। जांच एजेंसियां तकनीकी पहलुओं, इंजन फेलियर और पावर बैकअप सिस्टम तक हर एंगल से समीक्षा कर रही हैं।
आर्यन के वीडियो से खुल सकते हैं राज़
किशोर आर्यन ने जो वीडियो रिकॉर्ड किया है, उसमें विमान की गति, लाइटिंग, और जमीन से निकटता जैसे कई अहम संकेत दिख रहे हैं। वीडियो में दिख रही हरी लाइट, आरएटी (रैम एयर टर्बाइन) का नीचे होना और विस्फोट की ध्वनि हादसे की तकनीकी खामी की ओर इशारा करती है।
फ्लाइट सिस्टम फेलियर की आशंका
विशेषज्ञों के मुताबिक अगर आरएटी सक्रिय हुआ था तो यह विमान में पावर फेलियर, इंजन फेल या हाइड्रोलिक सिस्टम की विफलता को दर्शाता है। साथ ही रनवे से टेकऑफ के समय लैंडिंग गियर ऊपर न होना, फ्लैप के गलत इस्तेमाल जैसे कई फैक्टर एकसाथ विफल हुए होंगे।
सिर्फ वीडियो नहीं, तमाम पहलुओं की जांच
हालांकि जांचकर्ता किसी एक वीडियो पर निर्भर नहीं हैं। सिविल एविएशन मंत्रालय और DGCA की टीमें हर संभव पहलु से इस हादसे की जांच कर रही हैं। विमान में ईंधन भरने में 42 मिनट लगना, दोनों इंजन का साथ फेल होना अब प्रमुख सवाल बने हैं।
वीडियो बनाने वाला किशोर अभी भी सदमे में
वीडियो रिकॉर्ड करने वाला किशोर आर्यन अभी भी मानसिक आघात से पूरी तरह उबर नहीं पाया है। हादसे का वीडियो रिकॉर्ड करते समय उसे यह अंदेशा भी नहीं था कि नीचे उड़ रहा विमान अगले ही पल दुर्घटनाग्रस्त हो जाएगा। उसके पिता फिलहाल अहमदाबाद मेट्रो में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करते हैं।