सिविल एविएशन रेगुलेटर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने बुधवार को कहा कि दो दिन पहले एयर इंडिया की दिल्ली-अमृतसर उड़ान एआई-479 का पाकिस्तानी एयरस्पेस में थोड़ी देर के लिए जाने का मामला पाकिस्तान के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) अधिकारियों के साथ मिलकर संभाला गया था। इसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से वापस दिल्ली में उतारा गया।
दिल्ली से अमृतसर जा रहा था विमान
डीजीसीए के बयान में कहा गया, "एयर इंडिया का एयरबस ए-321 विमान वीटी-पीपीवी, जो दिल्ली से अमृतसर जा रहा था, उसे अमृतसर हवाई अड्डे पर एक पक्षी के टकराने की घटना के बाद रनवे की जांच के कारण कुछ समय तक हवा में चक्कर लगाने के लिए कहा गया था। जब विमान को रडार की मदद से लैंडिंग के लिए निर्देशित किया जा रहा था, तब वह थोड़ी देर के लिए पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में चला गया। इस पूरी स्थिति की जानकारी और समन्वय पाकिस्तान के एटीसी अधिकारियों के साथ था। बाद में विमान को दिल्ली की ओर मोड़ दिया गया और वह सुरक्षित रूप से दिल्ली में उतर गया।"
एयर इंडिया ने अपने बयान में कहा
इससे पहले एयर इंडिया ने अपने बयान में कहा था, "22 जून को दिल्ली से अमृतसर जा रही उड़ान एआई-479 का विमान अमृतसर हवाई अड्डे पर 'गो-अराउंड' (लैंडिंग रद्द करके दोबारा चक्कर लगाना) के दौरान थोड़ी दूरी तक पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में चला गया था।"
क्रू की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता
एयर इंडिया ने कहा, "इस घटना की सूचना नियामक अधिकारियों को दे दी गई है और इसकी आंतरिक जांच की जा रही है। एयर इंडिया में यात्रियों और क्रू की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।" फिलहाल पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र सभी भारतीय पंजीकृत, स्वामित्व वाले या लीज पर लिए गए विमानों के लिए बंद है। इसमें नागरिक और सैन्य, दोनों तरह के विमान शामिल हैं।
सीमा तनाव के बाद लगाया गया प्रतिबंध
यह प्रतिबंध अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले और उसके बाद बढ़े सीमा तनाव के बाद लगाया गया था। तब से पाकिस्तान हर महीने इस प्रतिबंध की अवधि बढ़ाता आ रहा है। भारत ने भी जवाबी कदम के तौर पर पाकिस्तानी विमानों के अपने हवाई क्षेत्र के उपयोग पर रोक लगा रखी है। इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तान ने भारतीय नागरिक और सैन्य विमानों पर लगा प्रतिबंध 24 जुलाई तक बढ़ा दिया था।