एयर इंडिया की दिल्ली से लंदन जा रही फ्लाइट AI 111 को गुरुवार को बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा, जिससे यात्रियों के बीच कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बन गया। विमान करीब 7 घंटे तक उड़ान भर चुका था और ओमान के एयरस्पेस के पास पहुंचा ही था कि अचानक तकनीकी समस्या का संकेत मिला। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पायलट ने तुरंत फ्लाइट को वापस दिल्ली लाने का फैसला किया।
उड़ान के दौरान आया तकनीकी संकेत
जानकारी के मुताबिक विमान के बेली होल्ड सेक्शन से असामान्य आवाज और कंपन महसूस किया गया। ऐसी स्थिति में किसी भी संभावित खतरे से बचने के लिए एहतियातन फ्लाइट को वापस मोड़ दिया गया। यह विमान एयरबस A350-900 था, जिसे लंबी दूरी की उड़ानों के लिए बेहद आधुनिक और सुरक्षित माना जाता है।
10 दिन में दूसरी बार सामने आई दिक्कत
इस घटना ने इसलिए भी चिंता बढ़ा दी है क्योंकि इसी विमान के साथ 10 दिनों के भीतर यह दूसरी बार तकनीकी अलर्ट सामने आया है। इससे पहले न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रही फ्लाइट के दौरान भी इसी तरह की स्थिति बनी थी, जब विमान को आयरलैंड के शैनन एयरपोर्ट पर डायवर्ट करना पड़ा था। हालांकि उस समय जांच में कोई बड़ी खराबी सामने नहीं आई थी।
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DGCA ने शुरू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने जांच शुरू कर दी है। एयर सेफ्टी और एयरवर्दीनेस से जुड़े अधिकारी तकनीकी पहलुओं की गहराई से जांच कर रहे हैं। एयर इंडिया भी विमान निर्माता कंपनी के साथ मिलकर इस समस्या की वजह समझने की कोशिश कर रही है।
यात्रियों की सुरक्षा रही प्राथमिकता
एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि सभी यात्री और क्रू पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी तरह की आपात स्थिति नहीं बनी। दिल्ली पहुंचने के बाद यात्रियों के लिए रिफ्रेशमेंट और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, साथ ही उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं
यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि विमानन क्षेत्र में सुरक्षा सर्वोपरि है। तकनीकी संकेत मिलते ही फ्लाइट को वापस लाने का फैसला इसी दिशा में उठाया गया कदम है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा में किसी तरह का जोखिम न लिया जाए।