12 जून को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया प्लेन क्रैश को लेकर शुरुआती जांच रिपोर्ट सामने आ गई है. इस रिपोर्ट में हादसे की कई चौंकाने वाली वजहों का खुलासा हुआ है. सबसे बड़ा कारण यह सामने आया कि प्लेन के दोनों इंजन टेकऑफ के तुरंत बाद बंद हो गए थे. साथ ही, पायलटों की आखिरी बातचीत भी कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर से सामने आई है, जो हादसे के वक्त की स्थिति को और स्पष्ट करती है.
क्या हुआ था टेकऑफ के वक्त?
रिपोर्ट के मुताबिक, जैसे ही प्लेन ने उड़ान भरी, उसके दोनों इंजनों के फ्यूल स्विच अचानक RUN से CUTOFF हो गए, यानी इंजन को ईंधन मिलना बंद हो गया. यह सब सिर्फ 1 सेकंड में हुआ, जिससे प्लेन का पावर चला गया.
पायलटों की चौंकाने वाली बातचीत
जब कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर की जांच हुई तो उसमें एक पायलट दूसरे से पूछते सुना गया –
"तुमने इंजन फ्यूल बंद क्यों किया?
दूसरे पायलट ने जवाब दिया –
"मैंने कुछ नहीं किया."
इससे साफ है कि दोनों पायलटों को भी पता नहीं था कि इंजन कैसे बंद हो गए. अब सवाल ये उठता है कि क्या यह कोई तकनीकी खराबी थी? हालांकि, शुरुआती रिपोर्ट में ऐसी कोई तकनीकी गड़बड़ी नहीं मिली है.
प्लेन को बचाने की कोशिश
इंजन बंद होने के बाद पायलटों ने स्थिति संभालने की पूरी कोशिश की. इंजन-1 कुछ हद तक चालू हो गया लेकिन इंजन-2 पूरी तरह चालू नहीं हो पाया. इसके अलावा, APU (बैकअप इंजन) और RAM टरबाइन भी एक्टिवेट हुए, लेकिन ये प्लेन को क्रैश से नहीं बचा सके.
सिर्फ 32 सेकंड रहा हवा में
प्लेन टेकऑफ के बाद सिर्फ 32 सेकंड तक हवा में रहा और फिर एयरपोर्ट से कुछ दूरी पर एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकरा गया. इस भयानक हादसे में प्लेन में मौजूद 242 में से 241 लोगों की मौत हो गई, जबकि हॉस्टल और आसपास के इलाके में मौजूद करीब 35 लोग भी मारे गए.
पायलट थे अनुभवी और फिट
प्लेन को कैप्टन सुमित सभरवाल उड़ा रहे थे, जो 8,200 घंटे का अनुभव रखते थे. उनके साथ फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर थे, जिनके पास 1,100 घंटे की उड़ान का अनुभव था. दोनों पायलट स्वस्थ और मेडिकल रूप से फिट थे. मौसम भी साफ था और किसी पक्षी से टकराने की घटना नहीं हुई थी.
एयर इंडिया का बयान
एयर इंडिया ने कहा है कि वह इस हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों के साथ खड़ी है और AAIB की जांच में पूरा सहयोग दे रही है. एयरलाइन ने दुख जताते हुए कहा कि वह पीड़ितों की हरसंभव मदद करेगी.