एयर इंडिया के विमानों में जनवरी महीने में तकनीकी दिक्कतों के मामले बढ़ गए। इंजन ऑयल कम होना, फ्यूल लीक और अन्य तकनीकी समस्याएं पिछले कम से कम 14 महीनों में सबसे ज्यादा दर्ज की गईं। यह जानकारी कंपनी द्वारा सरकार को दिए गए एक दस्तावेज से सामने आई है। इससे एयरलाइन पर सुधार के लिए दबाव और बढ़ गया है।
दिसंबर के मुकाबले चार गुना बढ़ोतरी
रिपोर्ट के अनुसार जनवरी में प्रति 1000 उड़ानों पर 1.09 तकनीकी घटनाएं दर्ज की गईं। यह दिसंबर 2024 के 0.26 के मुकाबले करीब चार गुना ज्यादा है। जनवरी में एयर इंडिया ने 17,500 से अधिक उड़ानें भरीं और कुल 23 तकनीकी घटनाएं सामने आईं। इनमें से अधिकतर मामलों की औपचारिक जांच की गई।
किस तरह की आईं दिक्कतें
दस्तावेज में बताया गया कि इंजन स्टॉल की चेतावनी, फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम की समस्या, हाइड्रोलिक खराबी, इंजन ऑयल और फ्यूल लीक जैसी घटनाएं दर्ज हुईं। एक उड़ान में दुबई से मुंबई पहुंचने पर इंजन में तेल की मात्रा कम पाई गई। वहीं एक अन्य मामले में टेकऑफ के बाद विमान को पानी की सप्लाई न होने के कारण वापस लौटना पड़ा।
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सुरक्षा पर पहले से निगरानी
पिछले साल हुई एक बड़ी दुर्घटना के बाद एयर इंडिया पहले से ही कड़ी निगरानी में है। उस हादसे में 260 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद कंपनी ने अपनी प्रक्रियाओं, संचार और सुरक्षा संस्कृति में सुधार की जरूरत स्वीकार की थी। अब नई घटनाओं ने फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।
अन्य एयरलाइंस से तुलना
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार जनवरी 2025 से जांचे गए 166 विमानों में से 82.5 प्रतिशत में बार-बार तकनीकी गड़बड़ियां पाई गईं। तुलना में इंडिगो के विमानों में यह आंकड़ा 36.5 प्रतिशत रहा। हालांकि मंत्रालय ने विस्तृत जानकारी साझा नहीं की।
सुधार के प्रयास जारी
एयर इंडिया के पास फिलहाल 191 विमान हैं और उसने 500 से अधिक नए विमान खरीदने का ऑर्डर दिया है। कंपनी एयरबस A320 विमानों की नियमित जांच कर रही है और बोइंग 777 के हाइड्रोलिक सिस्टम में बदलाव कर रही है। एयरलाइन का कहना है कि वह इंजीनियरिंग सुधारों के जरिए विश्वसनीयता बढ़ाने और ऐसी घटनाओं को कम करने की कोशिश कर रही है।