Air quality deteriorates: दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। शनिवार सुबह राजधानी और आसपास के इलाकों में धुंध और स्मॉग की मोटी परत छाई रही, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई। हवा की रफ्तार बेहद कम रहने के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में ही फंसे रहे और वायु गुणवत्ता सूचकांक तेजी से खराब होता चला गया। ठंड बढ़ने के साथ-साथ प्रदूषण ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। सुबह के समय हल्का कोहरा भी देखने को मिला, जिससे सड़कों पर दृश्यता प्रभावित हुई।
खतरनाक आंकड़े, सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मुताबिक दिल्ली का औसत AQI गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया। राजधानी के कई इलाकों में हालात बेहद खराब रहे। आनंद विहार में सुबह सात बजे AQI 716 तक पहुंच गया, जो स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खतरनाक माना जाता है। वजीरपुर में यह आंकड़ा 591 रहा। एनसीआर के शहरों में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। नोएडा के कई इलाकों में AQI 400 के पार दर्ज किया गया, जबकि गाजियाबाद के वसुंधरा क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक 455 तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे स्तर पर लंबे समय तक रहना गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
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ेहत पर असर, सतर्कता की सलाह
वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली के अनुसार आने वाले दिनों में प्रदूषण से राहत मिलने के फिलहाल ज्यादा आसार नहीं हैं। लगातार खराब हवा का असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों पर ज्यादा पड़ सकता है। प्रशासन की ओर से लोगों को गैर-जरूरी बाहर निकलने से बचने, मास्क पहनने और घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक हवा की गति नहीं बढ़ती या मौसम में बदलाव नहीं होता, तब तक दिल्ली-एनसीआर को प्रदूषण से बड़ी राहत मिलना मुश्किल है।