रोशनी के पर्व दिवाली ने राजधानी की हवा में धुआं और प्रदूषण भी घोल दिया है। पटाखों के धुएं और बढ़ते धूल कणों ने भोपाल की वायु गुणवत्ता को चिंताजनक स्तर तक पहुंचा दिया है। शहर का Air Quality Index (AQI) 300 के पार चला गया है, जो “बहुत खराब” श्रेणी में आता है। ऐसे में नगर निगम की टीमें फागिंग मशीनों के जरिए अलग-अलग इलाकों में पानी का छिड़काव कर रही हैं ताकि धूल और प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सके।
दिवाली के बाद हवा में जहर घुला
दिवाली की रात पटाखों की गूंज और रोशनी के बीच हवा में सूक्ष्म कणों की मात्रा तेजी से बढ़ गई। सोमवार देर रात से लेकर मंगलवार सुबह तक PM 2.5 और PM 10 कणों का स्तर सामान्य से तीन गुना ज्यादा दर्ज किया गया। टीटी नगर में AQI 210, ईदगाह हिल्स में 207, पर्यावरण परिसर में 198 और मंडीदीप इंडस्ट्रियल एरिया में 176 रिकॉर्ड हुआ। इन आंकड़ों से साफ है कि दिवाली के बाद शहर की हवा “खराब” श्रेणी में पहुंच गई है।
नगर निगम का एक्शन मोड
प्रदूषण को कम करने के लिए नगर निगम की टीमें मंगलवार सुबह से ही सक्रिय हैं। 35 से अधिक इलाकों में फागिंग मशीनों से लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा है। यह प्रक्रिया रात तक जारी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि धूल और स्मॉग (धुआं व धूल का मिश्रण) को नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से पटाखों का प्रयोग न करें और प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग दें।
स्वास्थ्य पर असर और सतर्कता
प्रदूषित हवा का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा रोगियों पर पड़ता है। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि लोग सुबह-सुबह की सैर या खुली हवा में अधिक समय न बिताएं। घरों में एयर प्यूरीफायर या पौधों का उपयोग करने से राहत मिल सकती है।