Airport Travel to Become Easier: देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने और लंबी कतारों से राहत दिलाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कई अहम निर्देश दिए हैं। एयरपोर्ट पर चेक-इन, सुरक्षा जांच और इमिग्रेशन की पूरी प्रक्रिया को अधिक तेज, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में काम शुरू किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य यात्रियों का समय बचाना और एयरपोर्ट संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
सुरक्षा जांच होगी तेज, नया सिस्टम होगा लागू
गृह मंत्री ने निर्देश दिया है कि सभी एयरपोर्ट्स पर चरणबद्ध तरीके से ऑटोमेटेड एक्स-रे ट्रे रिटर्न सिस्टम (ATRS) लगाया जाए। इस तकनीक के जरिए सुरक्षा जांच के दौरान इस्तेमाल होने वाली ट्रे अपने आप वापस लौट आएगी, जिससे यात्रियों को इंतजार कम करना पड़ेगा और जांच प्रक्रिया पहले से अधिक तेज होगी। नए बनने वाले एयरपोर्ट्स में भी इस प्रणाली को अनिवार्य रूप से शामिल करने की तैयारी की जा रही है।
62 एयरपोर्ट का होगा विकास, बढ़ेंगी सुविधाएं
बैठक में अगले दो वर्षों के भीतर 62 एयरपोर्ट्स के विकास कार्य पूरे करने पर जोर दिया गया। इनमें निर्माणाधीन 21 एयरपोर्ट और 41 अन्य हवाई अड्डे शामिल हैं। जिन एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की संख्या अधिक है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही यात्री और उड़ानों की संख्या के आधार पर एयरोब्रिज की संख्या बढ़ाने तथा अधिक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स पर बैगेज ड्रॉप सुविधा उपलब्ध कराने की योजना भी बनाई गई है।
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इमिग्रेशन प्रक्रिया भी होगी आसान
सरकार इमिग्रेशन व्यवस्था को भी आधुनिक बनाने की दिशा में काम करेगी। सभी राज्यों की राजधानियों में वर्ष 2027 तक एफआरआरओ कार्यालय स्थापित करने और अगरतला व जेवर एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन चेकपॉइंट जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय टिकट बुक करने वाले यात्रियों को फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन-ट्रस्टेड ट्रैवलर्स प्रोग्राम (FTI-TTP) की जानकारी व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी जाएगी। पीक सीजन में भीड़ और देरी का आकलन करने के लिए स्वतंत्र अध्ययन कराने का भी फैसला लिया गया है, ताकि हवाई यात्रा पहले से अधिक सुविधाजनक और सुगम बनाई जा सके।