दिल्ली के जंतर-मंतर पर 23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के तीन छात्रों ने सोमवार को अपना अनशन समाप्त कर दिया। यह फैसला उस दिन लिया गया, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने संसद मार्च का आह्वान किया और राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।
शबाना आजमी पहुंचीं जंतर-मंतर
बॉलीवुड अभिनेत्री शबाना आजमी भी जंतर-मंतर पहुंचीं और अनशन पर बैठे प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने जेएनयू की छात्रा नेहा से मुलाकात की, जिसके बाद नेहा ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त की। इससे पहले CJP प्रमुख अभिजीत दिपके भी अपना अनशन खत्म कर चुके हैं।
संघर्ष जारी रखने का संदेश
जेएनयू की शोध छात्रा नेहा ने सोशल मीडिया पर कहा कि भूख हड़ताल समाप्त होने का मतलब आंदोलन खत्म होना नहीं है। उनके अनुसार, अब यह संघर्ष नए तरीकों से आगे बढ़ेगा। उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन ने छात्रों और विभिन्न विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने में भूमिका निभाई है।
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समर्थकों ने बताया साहसिक कदम
राजनीतिक विश्लेषक लक्ष्मण यादव ने सोशल मीडिया पर छात्रों के 23 दिन के अनशन को साहसिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों ने शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर लंबे समय तक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का प्रयास किया। यह उनके व्यक्तिगत विचार हैं।
संसद मार्च के बीच बढ़ी हलचल
इसी दौरान CJP के संसद मार्च को लेकर दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई। प्रदर्शन को लेकर अलग-अलग दावे और बयान सामने आए हैं। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के अपने-अपने पक्ष हैं, जबकि हालात पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
आधिकारिक जानकारी का इंतजार
आंदोलन से जुड़े कई घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में सरकार, पुलिस और आंदोलन से जुड़े संगठनों की आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही स्थिति को समझना उचित होगा। फिलहाल छात्र संगठनों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर अभियान आगे भी जारी रहेगा।