खंडवा से एक विचलित कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां मानसिक परेशानी से जूझ रहे 25 वर्षीय युवक ने जहरीला पदार्थ पी लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार युवक लंबे समय से अजीब सपनों और भय के साये में जी रहा था, जिससे उसकी मानसिक स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।
खेत पर गया, लौटकर नहीं आया
घटना खालवा क्षेत्र से जुड़ी बताई जा रही है। युवक बुधवार को मवेशी चराने खेत पर गया था। वहीं उसने कीटनाशक दवा का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल खंडवा के जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया। इलाज के दौरान कुछ समय तक स्थिति में सुधार भी देखा गया, लेकिन अंततः शुक्रवार को उसने दम तोड़ दिया।
महाराष्ट्र से खंडवा तक का सफर
मृतक मूल रूप से महाराष्ट्र के अमरावती जिले के एक गांव का रहने वाला था। हाल के दिनों में वह खालवा क्षेत्र के अंबापाट में अपनी बुआ और मामा के यहां रह रहा था। परिवार के लोग जहर पीने की सूचना मिलने पर महाराष्ट्र से खंडवा पहुंचे और अस्पताल में मौजूद रहे।
सपनों में डर, हकीकत में बेचैनी
परिजनों ने बताया कि युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ था। वह अक्सर कहता था कि उसे सपनों में तीन-चार महिलाएं दिखाई देती हैं, जो उसे परेशान करती हैं। इस डर के कारण उसकी नींद, व्यवहार और दिनचर्या प्रभावित हो चुकी थी। समय के साथ उसकी बेचैनी और भ्रम बढ़ते गए।
इलाज की कोशिशें, लेकिन राहत नहीं
परिवार ने पहले इसे बाहरी बाधा मानते हुए अलग-अलग तरीकों से इलाज कराने की कोशिश की। हालांकि, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से नियमित चिकित्सा नहीं हो पाई। परिजनों का कहना है कि समय रहते उचित उपचार मिल पाता, तो शायद हालात कुछ और होते।
मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चेतावनी
यह घटना मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की जरूरत को फिर से रेखांकित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार डर, भ्रम और बेचैनी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे संकेत दिखें तो तुरंत डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की मदद लेना जरूरी है। परिवार और समाज का सहयोग ऐसे समय में सबसे अहम भूमिका निभाता है।