उत्तर प्रदेश के महोबा में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। मामला प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित अमर्यादित टिप्पणी से जुड़ा बताया जा रहा है। यह मुकदमा महोबा शहर कोतवाली में दर्ज किया गया है। शिकायत के बाद पूरे मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है और इसे लेकर दोनों दल आमने-सामने आ गए हैं।
किन लोगों पर हुई कार्रवाई
बीजेपी जिला कार्यसमिति सदस्य नीरज रावत की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया गया। रिपोर्ट में अजय राय के साथ कांग्रेस के निवर्तमान प्रदेश सचिव ब्रजराज सिंह और करीब 30 अज्ञात समर्थकों का भी नाम शामिल किया गया है। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पूरे घटनाक्रम की कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा हो रही है।
इन आरोपों का भी जिक्र
एफआईआर में सिर्फ कथित टिप्पणी का ही मामला नहीं है। आरोप लगाया गया है कि नीट छात्रा से मुलाकात के दौरान बिना प्रशासनिक अनुमति कार्यक्रम आयोजित किया गया और रास्ता भी बाधित हुआ। इसी आधार पर भारतीय न्याय संहिता की कई धाराएं लगाई गई हैं। प्रशासन अब पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच कर रहा है।
वीडियो वायरल होने से बढ़ा विवाद
सोशल मीडिया पर कथित वीडियो सामने आने के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई। वीडियो के वायरल होने के बाद पार्टी नेताओं ने इसे लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। मामला तेजी से राजनीतिक बहस का विषय बन गया। सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
बीजेपी ने साधा निशाना
बीजेपी नेता अमित मालवीय ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ समय पहले प्रधानमंत्री ने अजय राय के स्वास्थ्य लाभ की कामना की थी, लेकिन अब कथित वीडियो में अमर्यादित भाषा दिखाई दे रही है। बीजेपी नेताओं ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कांग्रेस पर भी सवाल उठाए हैं।
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अजय राय ने दिया जवाब
वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि वायरल वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है और कृत्रिम तकनीक की मदद से उसे बदला गया है। अब इस पूरे मामले पर जांच और राजनीतिक बयानबाजी दोनों जारी हैं, जबकि आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।