AJIT DOVAL CHINA VISIT---राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने मंगलवार को बीजिंग में चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से मुलाकात की। दोनों के बीच भारत-चीन सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के साथ द्विपक्षीय रिश्तों को आगे बढ़ाने पर बातचीत हुई। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को लेकर विशेष प्रतिनिधि स्तर की 25वें दौर की बातचीत भी हो रही है। साथ ही सितंबर में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत आने की संभावनाओं को लेकर भी चर्चा चल रही है।
हान झेंग से मुलाकात क्यों अहम?
डोभाल और हान झेंग की मुलाकात में सबसे अहम मुद्दा सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखना रहा। दोनों पक्षों ने सीमा क्षेत्रों में शांति मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। इसके अलावा आर्थिक, राजनीतिक और बहुपक्षीय स्तर पर भारत-चीन संबंधों को बेहतर बनाने के उपायों पर भी बातचीत हुई। ऐसे वक्त में जब सीमा को लेकर दोनों देशों के बीच संवेदनशीलता बनी हुई है, शीर्ष स्तर की यह बैठक दोनों पक्षों के बीच संवाद जारी रखने का संकेत देती है।
25वें दौर की बातचीत पर भी नजर
डोभाल चीन के विदेश मंत्री और भारत-चीन सीमा विवाद पर चीन के विशेष प्रतिनिधि वांग यी के साथ 25वें दौर की विशेष प्रतिनिधि वार्ता के लिए बीजिंग पहुंचे हैं। यह तंत्र दोनों देशों के बीच सीमा से जुड़े जटिल मुद्दों पर बातचीत का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस बातचीत में सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के साथ लंबे समय से चले आ रहे विवाद को संभालने के रास्तों पर चर्चा होनी है। ऐसे में हान झेंग के साथ डोभाल की मुलाकात को इसी व्यापक कूटनीतिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
शी जिनपिंग के भारत दौरे का कनेक्शन
डोभाल की चीन यात्रा को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की संभावित भारत यात्रा से भी जोड़कर देखा जा रहा है। भारत में 12 और 13 सितंबर को BRICS शिखर सम्मेलन होना है और रिपोर्टों के मुताबिक शी जिनपिंग के इसमें शामिल होने की संभावना है। हालांकि, उनकी यात्रा को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अगर शी जिनपिंग भारत आते हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात की संभावना भी बन सकती है। ऐसे में सीमा विवाद के साथ व्यापार, आर्थिक सहयोग और द्विपक्षीय रिश्तों को आगे बढ़ाने जैसे मुद्दे भी अहम हो सकते हैं।
सीमा विवाद के बीच रिश्ते सुधारने की कोशिश
भारत और चीन के रिश्तों में सीमा विवाद लंबे समय से सबसे संवेदनशील मुद्दों में शामिल है। हाल के वर्षों में सीमा पर तनाव का असर दोनों देशों के व्यापक संबंधों पर भी पड़ा है। अब दोनों पक्ष बातचीत के जरिए स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे हैं। डोभाल-हान झेंग की बैठक और वांग यी के साथ होने वाली विशेष प्रतिनिधि वार्ता इसी कोशिश का हिस्सा है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बातचीत से सीमा पर स्थिरता को लेकर कितनी प्रगति होती है और क्या इसका असर भारत-चीन के व्यापक रिश्तों पर भी दिखाई देता है।