मध्य प्रदेश के जबलपुर में मां नर्मदा के पावन तट पर स्वर्गीय अजीत दादा पवार का अस्थि विसर्जन पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। पार्टी पदाधिकारी अस्थि कलश लेकर शहर पहुंचे और दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद धार्मिक अनुष्ठानों के बीच नर्मदा में अस्थियां प्रवाहित की गईं और दिवंगत नेता की आत्मा की शांति व मोक्ष की कामना की गई।
जबलपुर पहुंचा अस्थि कलश, श्रद्धांजलि से हुआ कार्यक्रम का आरंभ
शुक्रवार को पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता अस्थि कलश लेकर जबलपुर पहुंचे। सबसे पहले दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी गई। मंदिर परिसर में शोक और सम्मान का वातावरण बना रहा, जहां उपस्थित लोगों ने मौन रखकर उनके योगदान को याद किया।
विधि-विधान से हुआ अस्थि पूजन और विसर्जन
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद अस्थि पूजन किया गया और फिर मां नर्मदा के तट पर धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अस्थि विसर्जन कराया गया। मंत्रोच्चार और पूजा के बीच अस्थियां नदी में प्रवाहित की गईं। इस दौरान उपस्थित नेताओं और समर्थकों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थनाएं कीं।
वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस अवसर पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि और स्थानीय कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से अंतिम संस्कार की रस्मों में भाग लिया और दिवंगत नेता के सामाजिक व राजनीतिक जीवन पर चर्चा करते हुए उन्हें याद किया। आयोजन स्थल पर अनुशासन और श्रद्धा का भाव साफ दिखाई दे रहा था।
विमान हादसे में हुआ था निधन
बताया गया कि स्वर्गीय अजीत दादा पवार का हाल ही में एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया था। वे नगर परिषद चुनाव के प्रचार के सिलसिले में यात्रा पर थे, तभी लैंडिंग के दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में उनके साथ यात्रा कर रहे अन्य लोगों की भी मौत हो गई थी, जिससे राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई थी।
नर्मदा तट से आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना
अस्थि विसर्जन के दौरान मां नर्मदा से दिवंगत नेता की आत्मा को शांति और मोक्ष प्रदान करने की प्रार्थना की गई। आयोजकों ने कहा कि यह आयोजन सम्मान और श्रद्धा के साथ किया गया, ताकि दिवंगत आत्मा को अंतिम विदाई दी जा सके। कार्यक्रम के बाद उपस्थित लोगों ने उनके जीवन और कार्यों को स्मरण करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।