महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को आज उनके गृह नगर बारामती में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। सुबह निकली अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए, वहीं राष्ट्रीय ध्वज में लिपटे पार्थिव शरीर को विद्या प्रतिष्ठान मैदान लाया गया। विमान हादसे में हुई उनकी मृत्यु के बाद राज्य सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है।
सुबह से उमड़ा जनसैलाब, अंतिम यात्रा में शामिल हुए हजारों लोग
बारामती में सुबह से ही शोकाकुल माहौल देखने को मिला। जैसे ही अजित पवार की अंतिम यात्रा उनके आवास से निकली, सड़कों के दोनों ओर लोग श्रद्धांजलि देने के लिए खड़े दिखाई दिए। फूलों से सजी शव वाहिनी विद्या प्रतिष्ठान मैदान की ओर बढ़ी, जहां अंतिम संस्कार की तैयारियां की गई थीं। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच आम नागरिकों को अंतिम दर्शन का अवसर दिया गया।
तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर, बेटों ने निभाई रस्में
राजकीय सम्मान के तहत अजित पवार के पार्थिव शरीर को राष्ट्रीय ध्वज में लपेटा गया। अंतिम संस्कार से पहले यह ध्वज उनके बेटे जय पवार को सौंपा गया। उनके पुत्र पार्थ और जय ने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं। इस दौरान परिवार के सदस्यों की आंखें नम रहीं और माहौल भावुक हो गया।
देशभर के दिग्गज नेता पहुंचे श्रद्धांजलि देने
अंतिम संस्कार में कई वरिष्ठ राजनीतिक नेता शामिल हुए। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी बारामती पहुंचे और उन्होंने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी। इसके अलावा नितिन गडकरी, पंकजा मुंडे, राधाकृष्ण विखे पाटिल और आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश भी समारोह में मौजूद रहे।
विमान हादसे की जांच तेज, ब्लैक बॉक्स बरामद
बुधवार को हुए विमान हादसे के बाद जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। नागर विमानन मंत्रालय की ओर से बताया गया कि दुर्घटनाग्रस्त लियरजेट-45 विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है। इस बीच कुछ नेताओं ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि दुर्घटना के कारणों का स्पष्ट पता लगाया जा सके।
राज्य में तीन दिन का शोक, राजनीतिक जगत में शून्यता
अजित पवार के निधन पर राज्य सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। वे लंबे समय तक महाराष्ट्र की राजनीति में सक्रिय रहे और कई बार विधायक तथा उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर चुके थे। उनके अचानक चले जाने से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है और समर्थकों में गहरी मायूसी देखी जा रही है।