महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को ले जा रहा चार्टर्ड विमान बारामती में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सभी पांच यात्रियों की मौत हो गई। इस हादसे में ग्वालियर की रहने वाली कैप्टन शांभवी पाठक भी शामिल थीं। एक प्रतिभाशाली पायलट के रूप में पहचानी जाने वाली शांभवी ने कम उम्र में बड़ी उड़ान भरी थी, लेकिन नियति ने उनके सपनों को बीच रास्ते ही रोक दिया।
बारामती में कैसे हुआ हादसा
बुधवार सुबह मुंबई से बारामती जा रहा छह सीटर चार्टर्ड विमान लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गया। घने कोहरे के कारण पहले विमान को उतरने की अनुमति नहीं मिली थी। कुछ देर हवा में चक्कर लगाने के बाद जैसे ही लैंडिंग की कोशिश की गई, विमान रनवे पार कर खाई में जा गिरा। फ्यूल टैंक भरा होने के चलते जोरदार धमाकों के साथ आग लग गई और पूरा विमान जलकर खाक हो गया।
ग्वालियर से आसमान तक का सफर
कैप्टन शांभवी पाठक का बचपन ग्वालियर में बीता, जहां से उड़ान भरने का सपना उनके मन में पनपा। उन्होंने प्रारंभिक पढ़ाई एयरफोर्स से जुड़े स्कूलों में की और बाद में मुंबई की यूनिवर्सिटी से एरोनॉटिक्स और एविएशन में स्नातक डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने न्यूजीलैंड में कमर्शियल पायलट की ट्रेनिंग लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी पूरी की।
फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर से कमर्शियल पायलट तक
शांभवी मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब से असिस्टेंट फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर के रूप में भी जुड़ी रहीं। उन्हें फ्लाइट इंस्ट्रक्टर रेटिंग ‘A’ मिली थी और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से फ्रोजन एटीपीएल लाइसेंस भी प्राप्त था। एविएशन जगत में वे अनुशासन, कौशल और समर्पण के लिए जानी जाती थीं, जिससे उनके उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद की जा रही थी।
दादी की आंखों से छलका दर्द
हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्वालियर में रहने वाली उनकी दादी मीरा पाठक ने बताया कि व्यस्तता के बावजूद शांभवी उनसे लंबी बातचीत करती थीं और प्यार से ‘दादा’ कहकर बुलाती थीं। उन्होंने भावुक होकर कहा कि ज्योतिषी ने शांभवी के बारे में भविष्यवाणी की थी कि साल 2026–27 में वह देशभर में नाम रोशन करेगी, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि यह साल इतनी बड़ी त्रासदी लेकर आएगा।
जांच जारी, कारणों की तलाश
हादसे के बाद विमानन से जुड़ी एजेंसियां दुर्घटना के कारणों की जांच में जुट गई हैं। रनवे से आगे विमान निकलने, कम दृश्यता और तकनीकी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि ब्लैक बॉक्स से अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है, जिससे इस भीषण हादसे के पीछे की असली वजह सामने आ सकेगी।