Akash Ambani Jio Dream : भारत के सबसे बड़े आईपीओ यानी Jio IPO की चर्चा के बीच आकाश अंबानी की 13 साल पुरानी कहानी सामने आई है। उनके कॉलेज के दोस्त अर्जुन वैद्य ने लिंक्डइन पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि साल 2013 में जब ब्राउन यूनिवर्सिटी में पढ़ाई पूरी होने वाली थी, तब ज्यादातर भारतीय छात्र अमेरिका में नौकरी और वहीं बसने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन आकाश अंबानी का इरादा अलग था। वह पढ़ाई पूरी करके भारत लौटना चाहते थे। उनके सामने अपने पिता मुकेश अंबानी के साथ जियो को आगे बढ़ाने का सपना था।
हर भारतीय तक 4G पहुंचाने की बात
अर्जुन वैद्य के मुताबिक, कॉलेज के दिनों में आकाश अंबानी अक्सर भारत में इंटरनेट की पहुंच बढ़ाने की बात करते थे। वह चाहते थे कि हर भारतीय की जेब में 4G इंटरनेट हो। वह ऐसी इंटरनेट स्पीड का सपना देखते थे, जैसी अमेरिका में उनके कॉलेज के हॉस्टल में मिलती थी। वह यह भी बताते थे कि देश के दूर-दराज गांवों में बैठे लोग अपने स्मार्टफोन पर लाइव क्रिकेट देख सकें। उस समय ये बातें उनके दोस्तों को बड़ी और मुश्किल लगती थीं।
13 साल बाद सपना हकीकत बना
वैद्य ने बताया कि जिस सोच को 2013 में अविश्वसनीय माना जाता था, वह आज भारत की डिजिटल दुनिया में बड़े बदलाव के रूप में दिखाई देती है। जियो का आईपीओ 30,213 करोड़ रुपये जुटाने के लक्ष्य के साथ बाजार में आया। खबर के मुताबिक, इसे पहले दिन ही पूरा सब्सक्रिप्शन मिल गया। आईपीओ को 4.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बोलियां मिलने की बात भी सामने आई। इसने भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी को दिखाया।

डिजिटल पेमेंट और स्टार्टअप को मिला बढ़ावा
वैद्य के अनुसार, सस्ते इंटरनेट ने भारत में डिजिटल पेमेंट के बढ़ने में अहम भूमिका निभाई। आज यूपीआई के जरिए हर महीने अरबों लेनदेन होते हैं। इंटरनेट की आसान पहुंच ने कई नए कारोबारों को भी आगे बढ़ने का मौका दिया। बोट, मामाअर्थ, नायका, जोमैटो, ब्लिंकिट और जेप्टो जैसे ब्रांड डिजिटल बाजार के विस्तार के दौर में आगे बढ़े। वैद्य का मानना है कि सस्ते डेटा ने ग्राहकों तक पहुंच बनाना आसान किया और नए कारोबार के लिए रास्ते खोले।
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वीडियो देखने के तरीके में भी बदलाव
जियो के आने के बाद भारत में वीडियो और ऑनलाइन मनोरंजन की दुनिया भी तेजी से बदली। आईपीएल जैसे बड़े खेल आयोजनों को ऑनलाइन देखने वालों की संख्या बढ़ी। भारत यूट्यूब के सबसे बड़े बाजारों में शामिल है और ऑनलाइन सामग्री देखने की आदत तेजी से बढ़ी है। वैद्य ने बताया कि पहले मोबाइल पर वीडियो देखना महंगा था और बार-बार रुकता था। अब करोड़ों लोग बेहतर गुणवत्ता में वीडियो देख सकते हैं। उनके मुताबिक, इस बदलाव ने भारत के स्टार्टअप और डिजिटल कारोबार को मजबूत आधार दिया।
रात साढ़े दस बजे आकाश का फोन
वैद्य ने आकाश अंबानी के व्यवहार से जुड़ी एक और बात बताई। उनके मुताबिक, आईपीओ खुलने के बाद आकाश ने रात करीब 10:30 बजे उन्हें फोन किया। उन्होंने अपनी कामयाबी की चर्चा करने के बजाय पूछा कि इस आईपीओ से सीधे ग्राहकों तक पहुंचने वाले कारोबार यानी डी2सी कंपनियों को क्या सीख मिल सकती है। वैद्य ने बताया कि आकाश चाहते थे कि भारत में आने वाले दूसरे आईपीओ को भी पहले दिन ऐसी ही सफलता मिले। उन्होंने यह भी कहा कि अब विदेश में पढ़ाई करने वाले युवाओं के लिए भारत लौटना पहले से ज्यादा आकर्षक हो गया है। वैद्य के मुताबिक, उनकी बेटियां भी बड़ी होकर भारत लौटना चाहेंगी।