5 बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स के लिए आईपीएल 2026 किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। टीम लगातार तीसरे सीजन प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई। शुरुआती मुकाबलों में लगातार हार के बाद टीम ने बीच में वापसी की कोशिश जरूर की थी और लग रहा था कि ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी में टीम वापसी कर सकती है। लेकिन आखिरी चरण में लगातार 3 हार ने सारी उम्मीदें खत्म कर दीं। अब पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने टीम की नाकामी के पीछे 4 बड़े कारण बताए हैं।
चोटों ने पूरी योजना बिगाड़ी
आकाश चोपड़ा के मुताबिक चेन्नई की सबसे बड़ी परेशानी खिलाड़ियों की लगातार चोट रही। टूर्नामेंट से पहले और टूर्नामेंट के दौरान कई अहम खिलाड़ी बाहर होते रहे। डेवाल्ड ब्रेविस शुरुआती मैचों में उपलब्ध नहीं थे। स्पेंसर जॉनसन लंबे समय तक बाहर रहे। फिर खलील अहमद और आयुष म्हात्रे भी चोट की समस्या से जूझते दिखे। जेमी ओवरटन जैसे खिलाड़ी भी बीच में बाहर हुए। लगातार बदलाव के कारण टीम कभी स्थिर संयोजन नहीं बना सकी।
कप्तान का बल्ला नहीं चला
दूसरी बड़ी वजह कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ का फॉर्म बताया गया। ऋतुराज ने ओपनिंग की जिम्मेदारी खुद संभाली लेकिन वह उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए। रन भी नहीं आए और उनकी बल्लेबाजी रणनीति पर भी सवाल उठे। जब कप्तान ही लय में नहीं हो तो पूरी टीम दबाव में आ जाती है और चेन्नई के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।
ऑक्शन की रणनीति पर सवाल
आकाश चोपड़ा ने चेन्नई की नीलामी रणनीति को भी कटघरे में खड़ा किया। उनका मानना है कि टीम ने खिलाड़ियों का चयन तो किया लेकिन उनका सही उपयोग नहीं हुआ। मैथ्यू शॉर्ट जैसे खिलाड़ी मौके का इंतजार करते रह गए। जैक फॉक्स को एक भी मैच नहीं मिला। मैट हेनरी पर भरोसा जल्दी खत्म हो गया और प्रशांत वीर जैसे खिलाड़ी पूरे सीजन बेंच पर बैठे रहे। इससे साफ दिखा कि टीम अपनी रणनीति को लेकर पूरी तरह स्पष्ट नहीं थी।
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मिडिल ऑर्डर बना सबसे कमजोर कड़ी
चेन्नई के मिडिल ऑर्डर ने भी पूरे सीजन निराश किया। शिवम दुबे का बल्ला खामोश रहा और डेवाल्ड ब्रेविस भी असर नहीं छोड़ सके। टीम को बीच के ओवरों में जिस स्थिरता और तेजी की जरूरत थी वह कभी नहीं मिली। यही कारण रहा कि चेन्नई बड़े मुकाबलों में लगातार पिछड़ती गई और आखिरकार प्लेऑफ का सपना एक बार फिर अधूरा रह गया।