लखनऊ। गोरखपुर में समाजवादी पार्टी की प्रेस वार्ता के दौरान हुए थप्पड़ और मारपीट के विवाद के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को कड़ा संगठनात्मक फैसला लिया। उन्होंने जिला और महानगर कार्यकारिणी के साथ फ्रंटल संगठनों की संबंधित इकाइयां भी तत्काल प्रभाव से भंग कर दीं। जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम और महानगर अध्यक्ष समेत सभी पदाधिकारी व सदस्य पदमुक्त कर दिए गए।
शनिवार को ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ को लेकर गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में बैठने की जगह को लेकर विवाद हुआ था। कहासुनी के बाद हाथापाई हुई। आरोप है कि गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा सीट से टिकट के दावेदार अंशुमान सिंह के बेटे कमलेश सिंह ने पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी को थप्पड़ मार दिया। घटना का वीडियो भी सामने आया।
विवाद के बाद पार्टी ने अंशुमान सिंह को निष्कासित कर दिया था। नगीना साहनी ने मामले में अंशुमान, उनके दोनों बेटों और अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अखिलेश के ताजा फैसले से गोरखपुर में पार्टी का पूरा मौजूदा संगठन समाप्त हो गया है।