लखनऊ। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उत्तर प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के ऐलान पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि बड़ी देर कर दी मेहरबां आते-आते। अमित शाह ने लखनऊ में भाजपा कार्यसमिति की बैठक में कहा था कि 2027 में तीसरी बार सरकार बनने पर प्रदेश में यूसीसी लागू की जाएगी। उन्होंने भाजपा सरकार को अंगद के पांव की तरह अडिग भी बताया था।
अखिलेश यादव ने सपा कार्यालय में नवनिर्वाचित विधान परिषद सदस्यों कांती सिंह, मान सिंह, आशुतोष सिन्हा, आकाश अग्रवाल और लाल बिहारी यादव का स्वागत किया। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने एमएलसी चुनाव के नतीजों को भाजपा के खिलाफ जनादेश बताया। कहा कि महिला शिक्षकों ने एकजुट होकर भाजपा के विरोध में मतदान किया। धूमधाम मचाने वाले धड़ाम से गिर गए। भाजपा भले ही पांच सीटों पर हारी हो, लेकिन उसका नुकसान 50 जिलों में हुआ है। उन्होंने दावा किया कि व्यापारी, ब्राह्मण, वैश्य और कायस्थ समाज सपा के साथ हैं।
भाजपा में टिकट के दावेदारों की बढ़ेगी बेचैनी
सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा में भगदड़ मचेगी और टिकट मांगने वालों के लिए पार्टी की खिड़की खाली दिखाई देगी। उन्होंने मुख्यमंत्री पर भी तंज कसा। अखिलेश ने वादा किया कि सपा सरकार बनने पर केजी से पीजी तक शिक्षा मुफ्त होगी। प्रदेश के सभी स्पोर्ट्स सेंटर को वन क्लास बनाया जाएगा।
बैलेट से चुनाव कराने की मांग दोहराई
अखिलेश ने लोकसभा की सभी 80 सीटें जीतने का दावा करते हुए कहा कि इसके बाद भी सपा बैलेट से चुनाव कराने की मांग करेगी। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची पर सवाल उठाए। आरोप लगाया कि मतदान के दिन फर्जी आधार कार्ड से वोट डलवाए जाते हैं। उन्होंने सरकार पर नागरिकों का डेटा सुरक्षित रखने में नाकाम रहने और साइबर धोखाधड़ी रोकने के लिए ठोस नीति नहीं बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 26 हजार स्कूल बंद किए गए, जबकि 27 हजार शराब के ठेके खोले गए। स्कूलों के बंद होने से शिक्षकों के करीब सवा लाख पद कम होने की आशंका है।