Meerut and Noida Issues: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मेरठ और नोएडा की हालिया घटनाओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मेरठ के सेंट्रल मार्केट में हो रही कार्रवाई को लेकर कहा कि यह सिर्फ दुकानों पर नहीं बल्कि व्यापारियों की आजीविका पर चोट है। उन्होंने मेरठ को ‘नया आर्थिक स्वतंत्रता आंदोलन’ का केंद्र बताते हुए दावा किया कि यहीं से बदलाव की शुरुआत होगी।
1857 से जोड़ा ऐतिहासिक संदर्भ
अखिलेश यादव ने मेरठ की ऐतिहासिक भूमिका का जिक्र करते हुए 1857 का विद्रोह की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि जिस तरह 1857 में मेरठ से एक बड़े आंदोलन की शुरुआत हुई थी, उसी तरह अब यहां से आर्थिक नीतियों के खिलाफ नई लड़ाई शुरू होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां छोटे व्यापारियों और पारंपरिक कारोबार को कमजोर कर रही हैं।
व्यापारियों को दी चेतावनी
सपा प्रमुख ने व्यापारियों और कारोबारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग अभी सरकार के साथ खड़े हैं, वे भी जल्द ही इसकी नीतियों से प्रभावित होंगे। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार सिर्फ बड़े पूंजीपतियों को फायदा पहुंचा रही है और आम व्यापारियों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आर्थिक फैसले कुछ चुनिंदा लोगों के हित में लिए जा रहे हैं।
यह भी देखेंःGetting a VIP number plate: दिल्ली में VIP नंबर प्लेट लेना हुआ आसान, जानिए पूरा ऑनलाइन प्रोसेस
सरकार जिम्मेदार
नोएडा में श्रमिकों के आंदोलन और हिंसा को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उनका कहना है कि मजदूरों की वेतन संबंधी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है, जिससे असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पूंजीपतियों को प्राथमिकता दे रही है, जबकि श्रमिक वर्ग की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।
मजदूरों की परेशानी
अखिलेश यादव ने बढ़ती महंगाई को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि कम वेतन में परिवार चलाना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने सरकार से मजदूरों और छोटे व्यापारियों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की। साथ ही उन्होंने दावा किया कि जनता मिलकर ऐसी नीतियों का विरोध करेगी और बदलाव लाएगी