
रामपुर में हुई अखिलेश यादव और आज़म खान की मुलाकात ने यूपी की सियासत में मानो नई जान फूंक दी है. लंबे वक्त से चली आ रही दूरी और तमाम अटकलों के बीच जैसे ही दोनों नेता आमने-सामने आए, माहौल में शेरो-शायरी की मिठास घुल गई. अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करते हुए लिखा क्या कहें उस मुलाकात की दास्तान, जहां बस जज़्बातों ने खामोशी से बात की. ये लाइनें सियासी हलकों में छा गईं. किसी ने कहा ये पोस्ट दिल से दिल मिलने का इशारा है, तो कुछ ने इसे 2027 की सियासी बिसात की पहली चाल बताया. रामपुर से लेकर लखनऊ तक चर्चा यही रही कि ये मुलाकात सपा की एकता और बीजेपी के खिलाफ रणनीति की नई शुरुआत है.
'आजम साहब हमारी पार्टी के दरख़्त'
अखिलेश यादव ने आजम खान की तारीफ करते हुए कहा आजम साहब हमारी पार्टी के दरख़्त हैं, जिनकी जड़ें जितनी गहरी हैं, सपा की छाया उतनी बड़ी है. उन्होंने माना कि जेल में रहने के दौरान आजम और उनके परिवार पर झूठे केस लगाए गए, लेकिन सपा हर साथी के साथ खड़ी है. ये बयान सपा के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा लेकर आया. करीब दो घंटे तक दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में गहन बातचीत हुई, और बाहर निकलते ही जो मुस्कान दोनों के चेहरों पर दिखी, उसने सब कुछ कह दिया.
पुराने तेवरों में लौटे आज़म खान
वहीं, आज़म खान भी इस बार पुराने तेवरों में लौटे नजर आए. उन्होंने मीडिया से कहा जुदा कब हुए थे? जो घर जलता था, कुछ लोग कहते थे, क्या आग सुहानी है और फिर बोले मैं जेल में था, क़ब्र में नहीं, गया वक्त नहीं हूं कि लौट न सकूं. ये शायरी नहीं, बल्कि एक सियासी बयान था. आजम ने साफ कहा कि अखिलेश उनकी बात बिना कहे समझ लेते हैं, क्योंकि उनका रिश्ता भरोसे और इज़्ज़त का है. उन्होंने सपा से अपने रिश्ते को मियां-बीवी जैसा बताते हुए कहा मेरी दो पीढ़ियां सपा से जुड़ी हैं, मेरी ज़िंदगी कट गई, अब मेरे बच्चे हैं.
पुराने गिले-शिकवे मिट गए
इस मुलाकात ने न सिर्फ पुराने गिले-शिकवे मिटा दिए, बल्कि बीजेपी खेमे में भी बेचैनी बढ़ा दी. अखिलेश ने सीधे निशाने पर कहा बीजेपी शायद गिनीज़ बुक में नाम लिखवाना चाहती है कि आज़म खान पर सबसे ज़्यादा झूठे केस दर्ज हों राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अगर आजम खान का प्रभावी इलाकारामपुर, अमरोहा, बरेली और सहारनपुर सपा के साथ मजबूती से जुड़ गया, तो 2027 में सपा की सरकार बनना तय है यानी इस मुलाकात ने सियासत में एक नई मिठास घोल दी है, और यूपी की सियासी बिसात पर अब अखिलेश-आजम की जोड़ी फिर से पूरे रंग में नज़र आ रही है.