लखनऊ में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने सरकार को कई मुद्दों पर घेरा है. अखिलेश यादव ने कहा कि 'यश भारती' सम्मान को बंद करना प्रतिभाओं का अपमान है. उन्होंने बताया कि इस सम्मान की शुरुआत 2002 में उनके पिता मुलायम सिंह यादव ने की थी और यह सम्मान साहित्य, खेल, फिल्म, सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट काम करने वालों को दिया जाता था.
पेड़ लगाना बना दिया इवेंट- अखिलेश
अखिलेश यादव ने यूपी सरकार के पौधारोपण अभियान पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार सिर्फ इवेंट कर रही है. उन्होंने कहा कि 200 करोड़ पेड़ लगाने की बात कही जा रही है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या के लिए जमीन कहां है? उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार ने अपने कार्यकाल में 50 करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा था.
गुजरात हादसे पर भी घेरा
उन्होंने गुजरात में पुल गिरने की घटना को लेकर भाजपा के मॉडल पर तंज कसते हुए कहा कि यूपी में भी करोड़ों की सड़कें बह रही हैं. वहीं उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्कूलों में ताले लगे रहते हैं, पढ़ाई भी नहीं हो रही.
सरकार में मची है खींचतान- अखिलेश
सपा अध्यक्ष ने कहा कि योगी सरकार के अंदर ही खींचतान मची है. अधिकारी आपस में लड़ रहे हैं, मंत्री अधिकारियों के खिलाफ चिट्ठी लिख रहे हैं. सरकार में तालमेल की कमी है.
वोटर लिस्ट और उपचुनाव में गड़बड़ी का आरोप
अखिलेश ने यह भी आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट से लोगों का नाम हटाया जा रहा है. उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कि एक व्यक्ति राकेश यादव के पूरे परिवार का नाम लिस्ट से काट दिया गया. साथ ही उपचुनाव में फर्जी वोट डाले जाने का आरोप भी लगाया.
जनता अब बदलाव चाहती है- अखिलेश
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार झूठे वादे कर रही है और अब जनता इससे तंग आ चुकी है. उन्हें भरोसा है कि अगले चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार वापस आएगी.