समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को दादरी के मिहिर भोज कॉलेज मैदान में आयोजित समाजवादी समानता भाईचारा रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जेवर एयरपोर्ट उद्घाटन पर हुए हमले का जोरदार पलटवार किया। रैली को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश में PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। रैली में बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता उमड़े।
अखिलेश को भविष्य के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बताया
रैली के संयोजक समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने अखिलेश यादव को भविष्य का मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री करार दिया। अखिलेश ने रैली को “रैली नहीं, PDA का मेला” बताया और सामाजिक न्याय, भाईचारे तथा किसान हितों को केंद्र में रखा। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जेवर एयरपोर्ट उद्घाटन वाली मोदी-योगी जनसभा पर निशाना साधते हुए कहा, “रैली में लोग स्वतः नहीं आए, छात्रों को बुलाकर जबरन भरा गया और उन्हें छुट्टी दिलाने का लालच दिया गया। अब बीजेपी की छुट्टी तय है। सात एयरपोर्ट का उद्घाटन किया, छह बंद हो गए। लगता है यह एयरपोर्ट भी बेचने के लिए उद्घाटन किया गया है।
”किसानों और विकास के मुद्दे पर प्रहार
उन्होंने गैस सिलेंडर की महंगाई और किसानों से किए गए धोखे का जिक्र करते हुए कहा, “समाजवादी सरकार बनेगी तो किसान को बाजार भाव देंगे, गांव को अर्बन यूनिट मानकर विकास करेंगे और मुआवजा बढ़ाएंगे। मौजूदा सरकार में मुआवजे के साथ खिलवाड़ की गई है। 5 प्रतिशत से जेब भर ली, कालोनी तय, नीति नहीं, एमओयू हवा में हैं।”
बेरोजगारी का मुद्दा:
“न नौकरी, न रोजगार। आधुनिक जमाने में नई नौकरियां देंगे, ट्रेनिंग देंगे। अग्निवीर योजना स्वीकार नहीं, सपा सरकार बनी तो इसे खत्म करेंगे।”
पी डी ए और सामाजिक न्याय: अखिलेश ने पी डी ए को सदियों के उत्पीड़न से लड़ने का कार्यक्रम बताया। कहा, “95 प्रतिशत पी डी ए का शोषण कर 5 प्रतिशत के पिछलग्गू बनकर रहने से भलाई नहीं। गैर-बराबरी खत्म करने की लड़ाई लड़ेंगे। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान की रक्षा जीवन-मरण का सवाल है। हमारे घर धुलवाने, मंदिर जाने पर धुलवाने का दर्द हम समझते हैं, वे नहीं समझ सकते।”
तीन गुर्जर नेताओं की लखनऊ में प्रतिमा लगवाएंगे
उन्होंने गुर्जर सम्राट मिहिर भोज, विजय सिंह पथिक और कोतवाल धन सिंह गुर्जर का सम्मान किया और 2027 में सरकार बनने पर उनके नाम पर राजधानी लखनऊ में स्मारक बनाने का वादा किया।