Akhilesh Yadav Statement: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने परिवारवाद के मुद्दे पर अपने ही अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि इसके कुछ फायदे भी होते हैं। शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान परिवारवाद को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह समझना जरूरी है कि इससे राजनीतिक दलों को किस तरह लाभ हो सकता है। अखिलेश ने दावा किया कि कई राजनीतिक दलों में टूट हुई, लेकिन समाजवादी पार्टी इससे बची रही। उन्होंने इसके पीछे पार्टी में एक ही परिवार के कई सांसदों की मौजूदगी को एक वजह बताया।
पांच सांसद एक ही परिवार से थे, इसलिए पार्टी नहीं टूटी
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी के पांच सांसद एक ही परिवार से थे। इसके अलावा पार्टी के साथ कुछ मुस्लिम सांसद और पुराने समाजवादी विचारधारा से जुड़े नेता भी मजबूती से खड़े रहे। उनके मुताबिक इसी वजह से पार्टी के भीतर उस समय टूट की स्थिति पैदा नहीं हुई। उन्होंने भाजपा पर संविधान बदलने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता ने चुनाव के जरिए इसका जवाब दिया।
सरकार पर अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर निशाना
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि मौजूदा समय में सच बोलने पर पाबंदियां लगाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने लाने का प्रयास करते हैं, उन्हें भी रोका जाता है। अखिलेश ने दावा किया कि दूसरों पर अपराधी होने का आरोप लगाने वाले लोग खुद गंभीर सवालों के घेरे में हैं। उन्होंने पीड़ित और परेशान लोगों से समाजवादी पार्टी को समर्थन देने की अपील भी की।
AI और तकनीक को लेकर सरकार से सवाल
अखिलेश यादव ने तेजी से बदलती तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में रोजगार और शिक्षा के लिए तकनीकी बदलाव को समझना बेहद जरूरी है। उनके मुताबिक युवाओं के सामने रोजगार और भविष्य से जुड़े कई सवाल हैं, इसलिए सरकारों को नई पीढ़ी की आकांक्षाओं के अनुरूप नीतियां बनानी चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि किसानों की मदद के लिए AI जैसी तकनीकों का अधिक इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा रहा है।
चुनावी तैयारी को लेकर किया बड़ा दावा
सपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी आगामी चुनावों के लिए अपनी तैयारियों में जुटी हुई है और जल्द ही इसका असर दिखाई देगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संकेत दिया कि संगठन स्तर पर काम शुरू हो चुका है। वहीं जापान से आए एक बच्चे द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ सेल्फी लेने के सवाल पर अखिलेश यादव ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि बच्चे ने पहले पर्याप्त जानकारी हासिल की होती तो शायद वह मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी लेने को लेकर उतना सहज नहीं होता। हालांकि उन्होंने यह बात किस संदर्भ में कही, इसे लेकर उन्होंने विस्तार से कुछ नहीं बताया।