बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के आते रुझानों ने जहां एनडीए खेमे में जोश भर दिया है, वहीं विपक्षी दलों में बेचैनी बढ़ने लगी है। शुरुआती गणना में एनडीए 190 से ऊपर पहुँच गया है, जबकि महागठबंधन लगातार पिछड़ रहा है। इसी राजनीतिक हलचल के बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिहार के नतीजों पर एक बड़ा बयान देते हुए बीजेपी पर सीधा हमला बोला। अखिलेश ने दावा किया कि बिहार में “SIR सिस्टम” के नाम पर जिस तरह चुनावी खेल खेला गया है, वह अब उत्तर प्रदेश सहित देश के किसी भी राज्य में नहीं चल पाएगा। उनका यह बयान तब आया है जब बिहार की राजनीति में एनडीए की बड़ी बढ़त से विपक्ष हताश दिखाई दे रहा है।
SIR पर अखिलेश का बड़ा ऐलान
अखिलेश यादव सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बीजेपी की चुनावी रणनीति पर बरसे और कहा—“बिहार में जो खेल SIR ने किया, वो बंगाल, तमिलनाडु, यूपी और बाकी राज्यों में अब नहीं हो पाएगा, क्योंकि इस चुनावी साज़िश का पर्दाफाश हो चुका है।” उन्होंने साफ कहा कि अब यूपी में SIR जैसी किसी भी प्रक्रिया की इजाज़त नहीं दी जाएगी और समाजवादी पार्टी इसे रोकने के लिए मैदान में उतर चुकी है। अखिलेश ने यह भी कहा कि आगे से “PPTV” यानी पीडीए प्रहरी हर बूथ पर तैनात रहेगा, जो बीजेपी की किसी भी कथित योजना, गड़बड़ी या “चकमेबाज़ी” को नाकाम करेगा।
2027 यूपी चुनाव पर इशारा
अखिलेश के बयान से साफ संकेत मिलता है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले वह चुनावी मैदान को लेकर पूरी तरह अलर्ट हो चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले चुनावों में समाजवादी पार्टी “चौकन्नी निगरानी प्रणाली” अपनाएगी और यूपी में किसी भी तरह की चुनावी गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने भाजपा पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में जो हुआ उसने पूरे लोकतंत्र पर सवाल खड़े किए हैं, लेकिन आने वाले चुनावों में यह खेल नहीं चल पाएगा। अखिलेश का यह बयान न केवल उनके कार्यकर्ताओं को संदेश देता है बल्कि पूरे विपक्ष को भी चेतावनी है कि अब यूपी में चुनावी रणनीति बिलकुल बदलने वाली है।
बिहार के नतीजों का बढ़ा असर
उधर, बिहार की 243 सीटों पर मतगणना जारी है और रुझानों के अनुसार एनडीए बड़ी बढ़त के साथ सरकार बनाते हुए दिखाई दे रहा है। इतना ही नहीं, अब तक आए आंकड़ों में जेडीयू सबसे आगे चल रही है, जिससे नीतीश कुमार के राजनीतिक वजूद का असर और मज़बूत होता दिख रहा है। महागठबंधन के नेता लगातार रुझानों पर निगाहें बनाए हुए हैं, लेकिन वर्तमान स्थितियों में उनकी उम्मीदों को गहरा झटका लगा है। बिहार के राजनीतिक माहौल का सीधा असर अब यूपी की राजनीति पर भी दिख रहा है, जहां अखिलेश यादव ने चुनावी लड़ाई को पहले से ज्यादा आक्रामक अंदाज़ में लड़ने के संकेत दे दिए हैं।