दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों के प्रस्तावित मार्च के बीच जंतर-मंतर पर सुरक्षा बलों की तैनाती चर्चा में है। हथियारों से लैस जवानों का वीडियो सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सत्ता जितनी डरी होती है, उसकी बंदूक उतनी बड़ी होती है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर जंतर-मंतर पर तैनात सशस्त्र बलों को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने लिखा कि जवानों को जिन हथियारों के साथ वहां भेजा गया, उसे देखकर लगता है कि अब केवल टैंक आना बाकी है। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा, "सत्ता जितनी डरी होती है, उसकी बंदूक उतनी बड़ी होती है।" उनकी यह टिप्पणी विपक्ष के मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आई है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मार्च
विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की योजना बनाई थी। इस मार्च में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत इंडिया गठबंधन के नेताओं के शामिल होने की बात कही गई। कांग्रेस ने अन्य विपक्षी दलों और लोगों से भी मार्च में हिस्सा लेने की अपील की थी।
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर उठाए सवाल
मार्च से पहले राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाए। उन्होंने उनके इस्तीफे की मांग करते हुए भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप भी लगाए। राहुल गांधी ने कहा कि जो लोग इस मार्च में शामिल होना चाहते हैं, उनका स्वागत है। उनके बयान और मार्च के जरिए कांग्रेस ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
मार्च को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई गई
विपक्षी नेताओं के मार्च को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। जंतर-मंतर और मार्च से जुड़े क्षेत्रों में सशस्त्र बलों के साथ दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की गई। सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटना बताया गया है। वहीं, सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर अखिलेश यादव की टिप्पणी के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।