Ujjain Shahi Masjid Issue: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उज्जैन की शाही मस्जिद के एक हिस्से को सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के तहत हटाए जाने को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि अधिकार छीनने वालों को संविधान सजा देगा। अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि सबसे ज्यादा अवैध इमारतें भाजपा से जुड़ी हैं। उनके बयान को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
हाईकोर्ट ने याचिकाएं की थीं खारिज
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने 9 सितंबर 2026 को शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने के खिलाफ दायर दो याचिकाएं खारिज कर दी थीं। मामला उज्जैन नगर निगम की ओर से 15 मीटर सड़क चौड़ीकरण के लिए जारी नोटिस से जुड़ा था। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई उज्जैन विकास योजना और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है।
सड़क चौड़ीकरण को लेकर है पूरा विवाद
शाही मस्जिद वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज है। याचिकाकर्ताओं ने मस्जिद के हिस्से को हटाने की कार्रवाई को चुनौती देते हुए धार्मिक अधिकारों का हवाला दिया था। वहीं नगर निगम की ओर से अदालत में कहा गया कि सड़क चौड़ीकरण यातायात व्यवस्था और आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के मद्देनजर जरूरी है। अदालत ने यह भी दर्ज किया कि इसी सड़क पर कई अन्य धार्मिक स्थलों के हिस्सों को भी हटाया गया है।
यह भी देखेंःदिल्ली-NCR में बढ़ते यौन अपराधों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई शुरू
शंकराचार्य और मायावती के मुद्दे पर भी बोले
अखिलेश यादव ने शंकराचार्य के साथ हुए व्यवहार को लेकर भी भाजपा पर राजनीतिक निशाना साधा। उन्होंने कहा कि धार्मिक संतों के साथ किए गए व्यवहार का राजनीतिक असर पड़ेगा। इसके अलावा मायावती की ओर से ईवीएम को लेकर उठाए गए सवालों का जिक्र करते हुए अखिलेश ने साइबर अपराध और तकनीकी माध्यमों से होने वाले अपराधों की बात कही। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपराध के तरीके बदल रहे हैं और कंप्यूटर से जुड़े अपराध भी बड़ी चुनौती हैं।
बयान पर सियासी चर्चा तेज
उज्जैन की शाही मस्जिद का मामला सड़क चौड़ीकरण, धार्मिक स्थल और सार्वजनिक हित से जुड़े कानूनी सवालों के बीच सामने आया है। हाईकोर्ट ने फिलहाल नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया है। वहीं अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को संविधान और अधिकारों से जोड़ते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है। ऐसे में उनके बयान को लेकर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की राजनीति में चर्चा जारी है।