उत्तर प्रदेश सरकार ने 2015 के चर्चित दादरी मॉब लिंचिंग मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ चल रहे मुकदमों को वापस लेने का निर्णय लिया है। इस सिलसिले में आवश्यक सरकारी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और गौतमबुद्धनगर के डीएम को अभियोजन वापसी की औपचारिक मंजूरी दे दी गई है। सीआरपीसी की धारा 321 के तहत केस वापसी की कार्यवाही कोर्ट में प्रस्तुत की जाएगी।
मामले की सुनवाई 12 दिसंबर को होगी
सरकार की ओर से नियुक्त एडिशनल डीजीसी ने पुष्टि की है कि केस वापसी का आवेदन सूरजपुर कोर्ट में दाखिल हो चुका है। इस मामले की सुनवाई 12 दिसंबर को होगी। केस में 10 नामजद और 4-5 अज्ञात आरोपी थे, जिनमें से कई अब तक मृत्यु को प्राप्त हो चुके हैं।
अखलाक परिवार इस फैसले से अचंभित है। परिवार का कहना है कि उन्हें अभी तक कोई आधिकारिक दस्तावेज नहीं मिला है और वे पुख्ता सूचना का इंतजार कर रहे हैं। अखलाक परिवार के वकील ने भी कहा कि जब तक वे दस्तावेज नहीं देख लेते, तब तक प्रतिक्रिया देना उचित नहीं होगा।
पीट-पीटकर हत्या कर दी थी
29 सितंबर 2015 की रात ग्रेटर नोएडा के दादरी स्थित बिसाहड़ा गांव में अफवाह फैलने पर भीड़ ने मोहम्मद अखलाक की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी और उनके बेटे दानिश को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। परिवार को बाद में सरकारी मुआवजा और फ्लैट दिया गया, लेकिन वे आज भी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। अब सरकार द्वारा केस वापसी का निर्णय इस मामले को एक नए मोड़ पर ले आया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट का रुख और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।