धुरंधर’ की शूटिंग के दौरान अक्षय खन्ना को लद्दाख की हवा ने दी मुसीबत : बॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘धुरंधर’ ने जब से रिलीज़ होकर दर्शकों का मनोरंजन शुरू किया है, तब से यह फिल्म कई चर्चाओं में भी बनी हुई है। रणवीर सिंह, संजय दत्त, आर. माधवन, अर्जुन रामपाल जैसे सितारों के साथ-साथ अक्षय खन्ना का किरदार ‘रहमान डकैत’ दर्शकों और आलोचकों दोनों की निगाहों में छा गया है। लेकिन इस फिल्म के सेट पर एक ऐसा किस्सा भी सामने आया है जिसने इस सफलता के सफ़र को थोड़ी चुनौतीपूर्ण कहानी में बदल दिया। लद्दाख के मुश्किल मंज़र और ऊँचे पहाड़ों की पतली हवा ने अक्षय को सांस लेने में इतनी दिक्कत दी कि उन्हें हर शॉट के बाद ऑक्सीजन मास्क का सहारा लेना पड़ा!
1. लद्दाख के बढ़ते हुए पहाड़ और पतली हवा की चुनौती
‘धुरंधर’ के कुछ हिस्सों की शूटिंग लद्दाख के ऊँचे इलाकों में की गई थी, जहाँ वायु में ऑक्सीजन का स्तर काफी कम होता है। ऐसे क्षेत्रों में पहुँचते ही शरीर को आम सेहतमंद व्यक्ति के लिए भी अनुकूलन करना कठिन हो जाता है, खासकर जब लंबे समय तक शारीरिक गतिविधियाँ करनी हों। अक्षय खन्ना ने इस कठिनाई को अपने शरीर पर महसूस किया और बताया गया कि शूट के दौरान उनके ऑक्सीजन स्तर अचानक गिरने लगे थे. लद्दाख में हवा की पतली होती संरचना के कारण सांस लेने में दिक्कत होना आम बात है, मगर फिल्म के सेट जैसा दबाव और लगातार शूटिंग का शेड्यूल इसे और चुनौतीपूर्ण बना देता है। एक शॉट के बाद दूसरे शॉट की तैयारी में समय कम होना भी शरीर पर असर डालता है.
2. हर शॉट के बाद ऑक्सीजन मास्क की जरूरत क्यों पड़ी?
‘धुरंधर’ के कोरियोग्राफर विजय गांगुली ने खुलासा किया कि अक्षय हर शॉट के बाद खुद को संभालने के लिए पास रखे छोटे ऑक्सीजन सिलेंडर से ऑक्सीजन मास्क लगाते थे। विशेषकर ‘FA9LA’ गाने की शूटिंग के दौरान जब तेज़ डांस और शारीरिक मेहनत की वजह से ऑक्सीजन की ज़रूरत बढ़ जाती थी, तब यह आदत ज़्यादा महत्वपूर्ण हो गई. गांगुली ने बताया कि अक्षय खन्ना की ऑक्सीजन लेवल गिरने की वजह से हर शॉट के बाद थोड़ा समय निकालकर वे मास्क लगाते थे, जिससे शरीर का ऑक्सीजन स्तर फिर से सामान्य हो सके। इसके बावजूद उन्होंने बिना हिचकिचाहट अपना सीन पूरा किया और फिर सेट से घर लौट गए.
3. कठिन हालात में भी पेशेवर रवैया
बॉलीवुड के कलाकारों से जुड़ी यह बात है कि वे कठिन परिस्थितियों में भी अपने काम को प्राथमिकता देते हैं। अक्षय खन्ना ने लद्दाख की तल्ख़ हवाओं और सांस की परेशानी के बावजूद शूट को बीच में नहीं छोड़ा। उनके इस पेशेवर रवैये की जितनी तारीफ की जाए कम है. उन्होंने अपने किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाया और हर कठिनाई के बावजूद शूट का हिस्सा बने रहे। शूटिंग टीम ने भी इस दौरान उनके स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखा और सुनिश्चित किया कि उन्हें ज़रूरत पड़ने पर तुरंत सहायता मिल सके.
4. स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह: ऊँचाई पर काम करते समय सावधानियाँ
डॉ. मनस मेङ्गर जैसे स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि ऊँची-altitude स्थितियों में ऑक्सीजन की कमी के कारण शरीर को सामान्य से अधिक संघर्ष करना पड़ता है। ऐसे में हायड्रेशन, आराम और समय-समय पर ब्रेक लेना ज़रूरी होता है, जिससे शरीर को अनुकूलन का समय मिल सके. फिल्मी सेट्स पर लंबे समय तक शूट और ऊँचे स्थानों पर काम करने से पहले कलाकारों और क्रू मेंबरों को तैयार रहने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार छोटे-छोटे ब्रेक और पर्याप्त तरल पदार्थ लेना इस प्रकार के कार्यों को सुरक्षित बनाता है.
5. ‘धुरंधर’ का सफ़र: चुनौतियों से रोमांच तक
‘धुरंधर’ की शूटिंग का यह अनुभव दर्शाता है कि एक शानदार फिल्म के पीछे कितनी मेहनत, समर्पण और जुझारूपन होता है। अक्षय खन्ना जैसे अनुभवी कलाकार ने मुश्किल स्थितियों में भी अपना काम पूरी निष्ठा से निभाया, जिसकी वजह से आज फिल्म दर्शकों के बीच लोकप्रिय हो रही है. लद्दाख की खूबसूरती और कठिनाई उसे एक आदर्श स्थान बनाती है जहाँ फिल्म की सिनेमैटिक क्षमता शानदार दिखती है, लेकिन इसके लिए कलाकारों और टीम को कई स्वास्थ्य-संबंधी समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है। ‘धुरंधर’ की सफलता इसी संघर्ष और जीत का प्रतीक बन चुकी है, जो दर्शकों को केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि कलाकारों की मेहनत की कहानी भी दिखाती है.