Faridabad Al Falah University: दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर केंद्रित हो गई है। लालकिले के पास हुए कार ब्लास्ट मामले की तार इस यूनिवर्सिटी से जुड़े हैं। अल फलाह यूनिवर्सिटी के फाउंडर जावेद सिद्धिकी को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच आगे बढ़ने पर विवि की फंडिंग की भी जांच हुई थी। वहीं ईडी ने अल-फलाह पर अब नए खुलासे किए हैं, अल-फलाह ने यूजीसी मान्यता और एनएएसी रेटिंग को लेकर झूठे दावे किए थे।
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में किया गया गिरफ्तार
आपको बता दें कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी में ईडी ने छापेमारी के दौरान 45 करोड़ जब्त किए हैं। नए खुलासे भी किए कि अल-फलाह ने 8 साल में 415 करोड़ कमाए, साथ ही UGC मान्यता पर भी फर्जीवाड़ा किया है। मिली जानकारी के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय ने अल-फलाह समूह के चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी को मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर मामले में 18 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई उस विस्तृत जांच के बाद की गई जिसमें ईडी ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े ठिकानों पर छापेमारी कर कई अहम सबूत जुटाए।
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415.10 करोड़ रुपये की कमाई की
अदालत ने कहा कि गिरफ्तारी से जुड़ी सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है और शुरुआती चरण की जांच को देखते हुए ईडी कस्टडी आवश्यक है। बता दें कि ईडी ने अदालत में दावा किया है कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी ने यूजीसी मान्यता और एनएएसी रेटिंग को लेकर झूठे दावे किए, जबकि संस्थान ने 2018 से 2025 के बीच कुल 415.10 करोड़ रुपये की कमाई की। साथ ही यह भी सामने आया है कि छात्रों से वसूली गई फीस और लोगों से ठगे गए पैसों का इस्तेमाल भी निजी चीजों के लिए किया गया है।
आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते
आपको बता दें कि ईडी को तलाशी के दौरान 48 लाख रुपये से अधिक नकद, कई डिजिटल डिवाइस और महत्त्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए। ग्रुप से जुड़ी कई शेल कंपनियों की पहचान हुई है। कई अन्य अधिनियमों के उल्लंघन भी पाए गए हैं। वहीं ईडी का कहना है कि मिली हुई जानकारी, दस्तावेज और जब्त की गई राशि साफ बताते हैं कि फंड कैसे गलत तरीकों से ट्रांसफर और इस्तेमाल किए गए। बता दें कि जावेद अहमद सिद्दीकी को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया। उन्हें रिमांड के लिए अदालत में पेश किया गया है। ईडी की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते हैं।