नोएडा के छिजारसी इलाके से गुजरात एटीएस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अलकायदा से जुड़े संदिग्ध जीशान को गिरफ्तार किया है. जीशान मूल रूप से मेरठ के किठौर का रहने वाला है और बीते एक महीने से नोएडा सेक्टर-63 के एफएनजी रोड के सैनिक कम्यूनिकेशन नाम की मोबाइल दुकान में काम कर रहा था. जीशान की गिरफ्तारी मंगलवार को हुई, लेकिन दुकान के आसपास मौजूद किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी. गिरफ्तारी के बाद जब मीडिया और पुलिस ने जानकारी दी, तब जाकर सभी को यह चौंकाने वाली बात पता चली.
कैसे मिला था काम?
दुकान का मालिक मोहम्मद असद है, जो खुद मेरठ से है और करीब आठ महीने से यह दुकान चला रहा है. जीशान और असद एक-दूसरे को पहले से जानते थे क्योंकि असद का ननिहाल जीशान के गांव के पास था. इसी जान-पहचान के चलते असद ने जीशान को एक महीने पहले दुकान पर रख लिया था.
जीशान की संदिग्ध गतिविधियां
दुकान मालिक असद के साले जान मोहम्मद के अनुसार, जीशान दुकान पर काम कम करता था और ज़्यादातर समय मोबाइल पर गेम खेलता रहता था. जब भी जीशान के पास कोई फोन आता, वह दुकान से बाहर चला जाता था. किसी को यह अंदाजा नहीं था कि वह इतनी गंभीर आतंकी गतिविधियों से जुड़ा हो सकता है.
एटीएस ने कैसे पकड़ा?
गुजरात एटीएस ने खुद इस ऑपरेशन की गुप्त रूप से तैयारी की थी. स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी आखिरी वक्त पर दी गई. मंगलवार को एटीएस की टीम ने खुद लोकेशन की रेकी की और जब जीशान दुकान पर मौजूद था, उसे वहीं से गिरफ्तार कर लिया गया. पकड़ने के बाद टीम उसे सेक्टर-63 थाने लेकर गई और वहां रिपोर्ट दर्ज कराकर लौट गई.
थाने से सिर्फ 400 मीटर दूर थी दुकान
हैरानी की बात यह है कि जीशान जिस दुकान में काम कर रहा था, वह थाने से मात्र 400 मीटर की दूरी पर थी. फिर भी एलआईयू (स्थानीय खुफिया इकाई) और दूसरी एजेंसियों को कोई जानकारी नहीं मिली.
दुकान के बाहर जुटी भीड़
बुधवार को जब मीडिया ने रिपोर्टिंग शुरू की तो दुकान के बाहर लोगों की भीड़ लग गई. आसपास के लोगों को यह भरोसा ही नहीं हो रहा था कि उनकी ही गली से कोई आतंकी संदिग्ध पकड़ा गया है.
एटीएस ने क्या-क्या जब्त किया?
गुजरात एटीएस की टीम दुकान मालिक असद का मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गई है ताकि पता लगाया जा सके कि क्या वह जीशान की गतिविधियों में शामिल था या नहीं. इसके अलावा, दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि जीशान से मिलने कौन-कौन आता था.
दुकान बंद नहीं हुई
हालांकि जीशान की गिरफ्तारी के बाद भी बुधवार को मोबाइल की दुकान खुली रही. जान मोहम्मद ने कहा कि उसे नहीं पता था कि जीशान आतंकी गतिविधियों में शामिल था.