भोपाल के ईंटखेड़ी में आयोजित आलमी तब्लीगी इज्तिमा 2025 का सोमवार फज्र की नमाज के बाद शांतिपूर्ण समापन हो गया। चार दिन चला यह आयोजन इस बार कई मायनों में खास रहा—300 निकाह, दुनियाभर के 240 फूड स्टॉल, हाई-टेक सुरक्षा व्यवस्था और 19 देशों से पहुंची जमातों ने इसे वैश्विक मेल-जोल का बड़ा केंद्र बना दिया। 12 लाख से अधिक लोगों की मौजूदगी ने इसे एक अनोखा आध्यात्मिक और मानवीय संगम बना दिया।
पहले दिन 300 निकाह, सादगी बनी खासियत
इज्तिमा की शुरुआत होते ही पहले दिन 300 निकाह संपन्न हुए। बिना किसी दिखावे और पूरी धार्मिक प्रक्रिया के साथ हुए ये विवाह सामुदायिक एकता का प्रतीक बने। देश-विदेश से आए मेहमान नवदम्पतियों के गवाह बने और इसे जीवन की नई शुरुआत के लिए पवित्र अवसर माना गया।
240 फूड स्टॉल, दुनिया का स्वाद एक जगह
इस बार 240 फूड स्टॉल चर्चा में रहे, जहां अफ्रीका, मध्य एशिया, दक्षिण भारत से लेकर स्थानीय व्यंजन तक शामिल रहे। खास बात यह रही कि यहां व्यंजनों की कीमत कम रखी गई और कमाई के बजाय मेहमाननवाजी का भाव दिखाई दिया। हजारों मेहमानों ने सेवा और सादगी का यह अनोखा अनुभव महसूस किया।
600 एकड़ में व्यवस्थाएं, हाई अलर्ट पर सुरक्षा
इज्तिमा स्थल को 600 एकड़ में बसाया गया, जिसमें 120 एकड़ में पांडाल और 250 एकड़ पार्किंग क्षेत्र रखा गया। दिल्ली ब्लास्ट के बाद सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई। ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी, पुलिस तैनाती और विभिन्न एजेंसियों के समन्वय से सुरक्षा प्रबंध मिसाल बने। रेलवे स्टेशन और मुख्य मार्गों पर भी लगातार जांच की गई।
19 देशों से पहुंची जमातें और 30 हजार वॉलेंटियर्स
साउथ ईस्ट एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व से आई जमातों ने आयोजन को वैश्विक पहचान दी। वहीं 30 हजार से अधिक वॉलेंटियर्स ने व्यवस्था संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। क्यूआर कोड आधारित तकनीकी सिस्टम से प्रबंधन और भी आसान हो गया। आयोजन ने एक बार फिर सामाजिक एकता, अनुशासन और इंसानियत का संदेश दिया।