छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) — छिंदवाड़ा में महिला ने दिया हार्लेक्विन इचिथियोसिस से ग्रसित बच्चे को जन्म, शरीर पर सफेद मोटी परतें और अजीब आकार देख लोगों ने दांतो तले दबा ली उंगलियां मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुन और देख कर हर कोई हैरान रह गया। परासिया के सरकारी अस्पताल में एक महिला ने जिस नवजात शिशु को जन्म दिया, उसका रूप सामान्य नहीं था। बच्चे की पूरी त्वचा सफेद, सख्त और मोटी परतों से ढकी थी और वह किसी एलियन की तरह दिख रहा था। इस असामान्य दृश्य को देखकर अस्पताल में मौजूद डॉक्टर और नर्सें तक दंग रह गईं। नवजात को देखकर कई लोगों ने मोबाइल से वीडियो और तस्वीरें लेना शुरू कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, यह कोई चमत्कार नहीं बल्कि एक दुर्लभ बीमारी का मामला है जिसे हार्लेक्विन इचिथियोसिस कहा जाता है। यह आनुवंशिक बीमारी शिशु के त्वचा विकास को प्रभावित करती है और त्वचा को मोटी, शुष्क और दरारदार बना देती है।
क्या है हार्लेक्विन इचिथियोसिस?
यह एक दुर्लभ और गंभीर त्वचा विकार है, जिसमें नवजात की त्वचा इतनी सख्त हो जाती है कि वह दरारों में बंट जाती है। इस वजह से बच्चे को सांस लेने, खाने-पीने और तापमान नियंत्रित करने में कठिनाई होती है। ऐसे बच्चे अक्सर समय से पहले जन्म लेते हैं और विशेष चिकित्सकीय देखभाल के बिना जीवित रहना मुश्किल होता है।
परासिया में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
परासिया अस्पताल के बीएमओ डॉ. शशि अतुलकर ने जानकारी दी कि यह छिंदवाड़ा जिले में इस तरह का चौथा मामला है। इससे पहले भी तीन बच्चों में हार्लेक्विन इचिथियोसिस की पुष्टि हो चुकी है। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में गर्भावस्था के दौरान जेनेटिक टेस्ट और नियमित अल्ट्रासाउंड से स्थिति का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है।
लोगों में कौतूहल, परिजनों में चिंता
बच्चे की तस्वीरें वायरल होने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। कुछ लोग इसे चमत्कार मान रहे हैं तो कुछ डर और अंधविश्वास में भी डूबे दिखे। वहीं, परिजन इस पूरी स्थिति को लेकर बेहद तनाव में हैं और चिकित्सकीय सलाह के तहत बच्चे का उपचार जारी है।