Aliens Watching our Earth:अंतरिक्ष में एक रहस्यमयी खगोलीय पिंड की मौजूदगी ने वैज्ञानिकों को हैरानी में डाल दिया है. यह पिंड, जिसे 3I/ATLAS नाम दिया गया है, नासा के ATLAS टेलीस्कोप से खोजा गया है. लगभग 20 किलोमीटर लंबा यह पिंड धूल और गैस की एक मोटी परत से ढका हुआ है और इसकी गति और बनावट सामान्य अंतरिक्ष चट्टानों से अलग मानी जा रही है. हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के खगोलशास्त्री एवि लोएब का मानना है कि यह कोई सामान्य अंतरिक्ष पिंड नहीं, बल्कि किसी एलियन सभ्यता द्वारा भेजा गया यान भी हो सकता है. इस दावे ने वैज्ञानिकों के बीच उत्सुकता और चिंता दोनों को जन्म दिया है.
सबहेड: एलियन निगरानी का संकेत या सिर्फ एक पत्थर?
वैज्ञानिक समुदाय इस रहस्यमयी पिंड को लेकर दो धड़ों में बंट गया है. कुछ का मानना है कि यह दूर के तारों की गुरुत्वाकर्षण शक्ति से निकलकर आया एक पुराना खगोलीय पिंड हो सकता है, जबकि लोएब जैसे वैज्ञानिक इसे संभावित एलियन मिशन मान रहे हैं. उनका कहना है कि इसकी गतिविधियां किसी भी ज्ञात प्राकृतिक पिंड से मेल नहीं खातीं. उन्होंने इस घटना को ‘डार्क फॉरेस्ट हाइपोथेसिस’ से जोड़ा है, जिसमें कहा गया है कि ब्रह्मांड में कई सभ्यताएं छिपी हो सकती हैं और पृथ्वी पर निगरानी के लिए यान भेजना एक रणनीति हो सकती है.
यह भी पढ़ेंःthree miscreants threw petrol: 16 साल की छात्रा पर पेट्रोल छिड़क, तीन युवकों ने जलाया जिंदा
सबहेड: दिसंबर में पृथ्वी से सबसे करीब होगा रहस्यमयी पिंड
3I/ATLAS दिसंबर में पृथ्वी के सबसे नजदीक पहुंचेगा, जब यह लगभग 27 करोड़ किलोमीटर की दूरी से गुजरेगा. इस दौरान दुनिया भर के खगोलशास्त्री इसके व्यवहार और दिशा की बारीकी से जांच करेंगे, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह वस्तु आखिर है क्या. इस खोज ने अंतरिक्ष विज्ञान में एक नई बहस छेड़ दी है और लोगों में यह जानने की जिज्ञासा बढ़ गई है कि क्या वाकई कोई परग्रही सभ्यता हम पर नजर रख रही है. एवि लोएब ने सभी वैज्ञानिकों से आग्रह किया है कि वे इस पिंड के हर पहलू का गंभीरता से अध्ययन करें और किसी भी संभावित संकेत को हल्के में न लें.